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यूपी में बाढ़ से 12 जिले प्रभावित, चपेट में 64 हजार से ज्यादा लोग; 55 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद भारी बारिश और बाढ़ का असर बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के 12 जिलों के 166 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 64,402 लोग बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 69 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। शारदा और घाघरा नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। स्थिति को देखते हुए सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहतबचाव के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की 86 टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों और शरणालयों की व्यवस्था भी की गई है।

शारदा और घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर

लखीमपुर खीरी के पलियाकलां में शारदा नदी और बाराबंकी के एल्गिनब्रिज के पास घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दोनों नदियों के जलस्तर पर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रदेश में 1,586 बाढ़ चौकियां और 1,263 शरणालय बनाए गए हैं। इनमें 40 शरणालय फिलहाल संचालित हैं।

सोनभद्र में 147.2 और बरेली में 141 मिमी बारिश

सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। सोनभद्र में सबसे ज्यादा 147.2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बरेली में 141 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा प्रयागराज में 126, रायबरेली में 88.4, लखीमपुर खीरी में 84 और शाहजहांपुर में 80.2 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घंटे के दौरान 40.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

55 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 17 और 18 अगस्त को प्रदेश के 55 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश का सिलसिला 20 अगस्त तक जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

5,849 नाव और 1,101 मोटरबोट उपलब्ध

राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने 5,849 नाव और 1,101 मोटरबोट उपलब्ध कराई हैं। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में 308 राहत वितरण केंद्र, 69 मेडिकल टीमें और 51 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को खाद्यान्न, पका भोजन, ओआरएस और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

फिलहाल जनहानि की सूचना नहीं

प्रशासन के अनुसार अभी तक बाढ़ के कारण किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है। प्रभावित गांवों में राहत एवं बचाव दल सक्रिय हैं और जलस्तर तथा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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