
ग्राम काठा के निकट दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के किनारे खेत में मिले युवती के शव की 72 घंटे में पहचान न होने पर लावारिस में अंत्येष्टि की गई। इससे पहले फोरेंसिक एक्सपर्ट की देखरेख में चिकित्सकों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया।
उसकी मौत के कारण का पता नहीं चला। उसकी मौत करीब 12 घंटे पहले ही हुई थी। सुरक्षित किए गए विसरा को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। पहचान न हो उसके चेहरे में तेजाब डाला गया था।
नंगला बहलोलपुर का एक युवक 13 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे अपने खेत से वापस घर लौट रहा था। हाईवे के निकट खेत में चादर में लिपटा हुआ करीब 25 वर्षीय युवती का शव पड़ा दिखाई दिया था। सीओ सुकन्या शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी।
पुलिस ने उसकी पहचान कराने के लिए पड़ोसी जनपदों व राज्यों में संपर्क किया, लेकिन कहीं पता नहीं चला। सोमवार को निर्धारित 72 घंटे बाद उसके शव की लावारिस में अंत्येष्टि की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि युवती की मौत शव मिलने से करीब 12 घंटे पहले ही हुई थी। उसके चेहरे पर तेजाब डाला गया था। माना जा रहा है कि हत्या कर युवती के शव को यहां पर डाला गया है। कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीम सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
सैकड़ों वाहनों का रिकॉर्ड देखा जा चुका है, लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी। उधर, कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार चाहल का कहना है कि पहचान न होने की वजह से लावारिस में युवती के शव की अंत्येष्टि की गई है। घटना का शीघ्र ही राजफाश किया जाएगा।



