
सीतापुर, अमृत विचार। जिले में करीब 10 साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने पतिपत्नी और उनके बेटे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने तीनों दोषियों पर 1515 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला मिश्रिख थाना क्षेत्र के ग्राम टिकरिया जिहुरा में हुए हत्याकांड से जुड़ा है।
मवेशी बांधने को लेकर हुआ था विवाद
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, गांव में मवेशी बांधने को लेकर मामूली विवाद हुआ था। इसी विवाद में बाबूराम, उसकी पत्नी शांति देवी और बेटे मनीष ने पड़ोसी गोकरनलाल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। गंभीर चोट लगने के कारण गोकरनलाल की मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक के बेटे प्रिंस कुमार ने पुलिस को तहरीर दी थी। इसके आधार पर मिश्रिख थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस और अभियोजन की पैरवी से दोष सिद्ध
मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों को अदालत के सामने प्रस्तुत किया। मिश्रिख पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के बाद अदालत ने बाबूराम, शांति देवी और मनीष को हत्या का दोषी माना। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
ये भी पढ़े :



