
बेटी के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में पत्नी की गोली मारकर हत्या करने वाले कलेक्ट्रेट कर्मचारी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
अभियोजन के अनुसार, भरतकूप थाना क्षेत्र में 13 जून 2023 को आरोपित ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से पत्नी को गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि सतना जिले के खड़ा गांव निवासी साले ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बहन की शादी करीब 20 वर्ष पहले कलेक्ट्रेट कर्मी से हुई थी और उनके दो बेटियां व एक बेटा हैं।
तीन साल पहले का मामला
वादी के अनुसार 13 जून 2023 को उसे सूचना दी गई कि उसकी बहन को बहनोई ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार मायके आने पर बहन घरवालों को बताती थी कि पति उसकी हत्या कर सकता है। वह पति की प्रताड़ना से परेशान रहती थी।
पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ आरोपित को गिरफ्तार करते हुए आरोप पत्र दाखिल किया था। साथ ही मृतका की दोनों बेटियों ने हत्यारोपी पिता के खिलाफ मजबूती से गवाही देते हुए न्यायालय से गुहार लगाई थी कि उनके पिता को हमेशा जेल में ही रखा जाए, अन्यथा छूटने के बाद वह उन्हें भी मार देगा।
बेटी ने भी कोर्ट में दिया था बयान
बेटी ने पिता के करतूतों को भी विस्तार से न्यायालय के सामने रखा। उसने यह भी बताया कि पिता के इन्हीं कृत्य के कारण मां ने उसको मामा के घर भेज दिया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषमणि शुक्ला ने इस मामले में निर्णय सुनाया।
सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि दोषी कलेक्ट्रेट कर्मी जेल में है। पत्नी की हत्या के बाद जमानत पर आया था और फिर उसने बेटी के साथ घिनौना कृत्य किया था, जिसमें मुकदमा दर्ज किया गया था। उस मामले में जेल में बंद था। यह मुकदमा पाक्सो एक्ट कोर्ट में अलग चल रहा है।



