
अक्सर कई लोगों के साथ ऐसा होता है कि अनजान व्यक्ति से बात करने, अपनी बातों को स्पष्टता से रखने, नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के दौरान घबरा जाते हैं। कई बार सही बात पता होने के बावजूद उसे स्पष्ट तरीके से कह नहीं पाते, बातचीत के दौरान घबराहट होने लगती है। यहां तक कि सामने वाले की बात भी ठीक से सुन नहीं पाते। ऐसे लोगों में कम्युनिकेशन स्किल कमजोर हो सकती है। साफ बोलना, ध्यान से सुनना, सही सवाल पूछना और अपनी बात को आत्मविश्वास से रखना बेहतर कम्युनिकेशन स्किल का हिस्सा है।
अगर आप भी इस तरह बात करने में झिझक महसूस करते हैं या अपने आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं तो अपनी कम्युनिकेशन स्किल को सुधारने के लिए कुछ तरीके अपना सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे अपनी कम्युनिकेशन स्किल बेहतर करें:
1- ध्यान से सुनें बात
अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई हमसे बात कर रहा होता है, तो हम उसकी बात सुनने की बजाय मन ही मन अपने जवाब के बारे में सोचने लगते हैं। लेकिन अच्छा कम्युनिकेटर सिर्फ अच्छा बोलता नहीं, बल्कि अच्छा श्रोता भी होता है। बातचीत के दौरान पहले से अपना जवाब सोचने के बजाए सामने वाली की बात पूरी होने दें और उसे ध्यान से सुनें। बीच में इधर-उधर देखना, फोन देखना या बार-बार बीच में बोलना सामने वाले को यह महसूस करा सकता है कि आप उसकी बातों में रुचि नहीं रख रहे हैं। वहीं, जवाब देने से पहले कुछ सेकंड रुकें। रुककर सोचने के बाद दिया गया जवाब अक्सर जल्दबाजी में दिए गए जवाब से कहीं बेहतर होता है।
2- सरल और स्पष्ट बात करें
अक्सर लोगों के साथ ऐसा होता है कि जिस मुद्दे पर बात कर रहे हैं उसे बहुत घुमा फिरा कर रखते हैं। लेकिन अच्छी कम्युनिकेशन का मतलब अपनी बात को सरल और स्पष्ट तरीके से रखना होता है। आपकी बात जितनी सरल और स्पष्ट होगी उसे समझने में उतनी ही आसानी होगी। जितना जरूरी हो उतना ही बताएं।
3- बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान दें
बातचीत के दौरान शब्द जितना प्रभाव डालते हैं, उतना ही काम बॉडी लैंग्वेज यानी शारीरिक हाव-भाव का भी होता है। जब कोई आपसे बात करे तो उस दौरान बार-बार फोन देखने, घड़ी और इधर-उधर देखने से सामने वाले को संदेश जाता है कि आपका ध्यान उसकी बात में नहीं है। जरूरी नहीं है कि आप सामने वाले की आंखों में देखकर बात करें, लेकिन इस दौरान पूरी तरह मौजूद और ध्यान से सुनने वाला व्यक्ति बनना बहुत फर्क पैदा करता है।
4- ओपन-एंडेड सवाल पूछें
ओपन-एंडेड सवाल का मतलब कि ऐसे सवाल पूछें जिनका जवाब केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ में न दिया जा सके। इससे बातचीत जल्दी खत्म हो सकती है। अगर आप सच में यह समझना चाहते हैं कि सामने वाला क्या सोच रहा है, खासकर काम से जुड़ी किसी मुश्किल बातचीत में, तो ऐसे सवाल पूछें जिनका जवाब थोड़ा विस्तार से देना पड़े।
5- बोलने का तरीका
किसी भी सवाल का जवाब देने से पहले अपने आत्मविश्वास को मजबूत करें। क्योंकि, घबराहट होने पर लोग अक्सर तेजी से बोलने लगते हैं। इससे शब्द अस्पष्ट हो सकते हैं और आपकी बात का प्रभाव भी कम हो सकता है। अगर आप शांत और आत्मविश्वासी दिखना चाहते हैं, तो बोलने की गति थोड़ी धीमी रखें। साथ ही अंत तक अपनी आवाज को स्थिर और स्पष्ट रखें। जो बात आप कह रहे हैं, उसे आत्मविश्वास के साथ कहें।
6- जवाब देने से पहले सवाल समझें
चाहे नौकरी के लिए इंटरव्यू हो या किसी और को जवाब देना हो, लेकिन जवाब देने से पहले सवाल को समझना जरूरी है। अगर सवाल स्पष्ट न हो तो दोबारा पूछ सकते हैं। घबराहट दिखाने के बजाए सावधानी और समझदारी से जवाब दें। इससे आप अपनी बात को स्पष्ट रूप से रख पाएंगे।
7- कहने का अभ्यास करें
केवल पढ़ने से कम्युनिकेशन स्किल बेहतर नहीं होती। इसके लिए नियमित अभ्यास भी जरूरी है। अपनी कम्युनिकेशन स्किल को बेहतर करने के लिए हर दिन किसी विषय पर 2-5 मिनट अपनी बात बोलकर अभ्यास कर सकते हैं। मोबाइल में अपनी आवाज रिकॉर्ड करके उसे सुनें और देखें कि आप बहुत तेज तो नहीं बोल रहे, बार-बार कोई शब्द तो नहीं दोहरा रहे या बात को अनावश्यक रूप से लंबा तो नहीं कर रहे।



