IndiaTrending

जॉइनिंग के सिर्फ 6 घंटे बाद कर्मचारी ने दे दिया इस्तीफा, वजह जानकर मैनेजर भी रह गया हैरान..

नौकरी ज्वाइन करने के बाद अगर कोई कर्मचारी उसी दिन इस्तीफा दे दे तो यह बात निश्चित तौर पर हैरान करने वाली होती है। दिल्ली की एक कंपनी से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हुई। एक नए कर्मचारी ने कंपनी में जॉइन करने के महज छह घंटे बाद ही नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया था।

मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आया था। बताया गया कि कंपनी में काम करने वाला एक कर्मचारी नौकरी छोड़ना चाहता था। लेकिन मैनेजर ने उसके सामने एक शर्त रख दी थी कि अगर उसे जल्दी रिलीज किया जाना है तो उसे खुद अपना रिप्लेसमेंट ढूंढना होगा और नए कर्मचारी को काम की ट्रेनिंग भी देनी होगी।

पुराने कर्मचारी ने कंपनी के लिए नया व्यक्ति खोज लिया और उसे जॉइन भी करा दिया। इसके बाद शुरू हुई नए कर्मचारी की ट्रेनिंग।

छह घंटे में सामने आ गया कंपनी का असली चेहरा

ट्रेनिंग के दौरान पुराने कर्मचारी ने नए व्यक्ति को सिर्फ काम करने का तरीका ही नहीं बताया, बल्कि कंपनी में काम के वास्तविक माहौल के बारे में भी खुलकर जानकारी दी।

उसने उसे बताया कि काम का दबाव कितना रहता है, काम के घंटे कैसे हैं और रोजमर्रा में कर्मचारी को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

नए कर्मचारी के लिए यह जानकारी बिल्कुल अलग थी। बताया गया कि इंटरव्यू के दौरान कंपनी को लेकर जो तस्वीर उसके सामने पेश की गई थी, वास्तविक कामकाजी माहौल उससे काफी अलग था।

शाम होते-होते बोल दिया- मुझसे नहीं होगा

करीब छह घंटे की ट्रेनिंग के बाद नए कर्मचारी ने नौकरी जारी रखने से इनकार कर दिया। उसने मैनेजर को साफ बता दिया कि वह इस माहौल में काम नहीं कर पाएगा और इस्तीफा दे दिया।

इतनी जल्दी इस्तीफा मिलने से मैनेजर नाराज हो गया। उसने पुराने कर्मचारी को फोन कर सवाल किया कि उसने नए कर्मचारी को आखिर क्या-क्या बता दिया था, जिसकी वजह से उसने पहले ही दिन नौकरी छोड़ दी।

पुराने कर्मचारी ने कथित तौर पर जवाब दिया कि उसने वही बातें बताई हैं, जो उसे नए कर्मचारी को ट्रेनिंग देने के लिए कही गई थीं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नौकरी और हायरिंग प्रक्रिया को लेकर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने कहा कि कंपनियों को इंटरव्यू के दौरान नौकरी की वास्तविक परिस्थितियों के बारे में उम्मीदवारों को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।

लोगों का तर्क था कि अगर काम के घंटे, जिम्मेदारियां और वर्क कल्चर पहले ही साफ बता दिए जाएं तो कर्मचारी भी सोच-समझकर फैसला ले सकता है और कंपनी का समय भी बर्बाद नहीं होता।

हालांकि, इस पूरे मामले की जानकारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सामने आई थी, इसलिए घटना से जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। फिर भी यह कहानी नौकरी तलाशने वालों के लिए एक सवाल जरूर छोड़ती है—क्या जॉइन करने से पहले कंपनी के असली वर्क कल्चर के बारे में पूरी जानकारी लेना जरूरी नहीं है?

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply