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चार साल पहले हो चुकी थी मौत, फिर भी पुलिस रिकॉर्ड में बना ‘गुंडा’; जिला बदर का आदेश आते ही मचा हड़कंप..

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में कुछ समय पहले प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था। जिस युवक की करीब चार साल पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी, उसका नाम पुलिस की रिपोर्ट में शामिल रहा और बाद में उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई भी कर दी गई।

मामला खड्डा कस्बे से जुड़ा बताया गया था। यहां रहने वाले एक युवक की वर्ष 2021 में वाराणसी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिवार के लिए यह घटना कई साल पुरानी हो चुकी थी, लेकिन बाद में उसका नाम एक प्रशासनिक कार्रवाई में सामने आया तो परिजन और स्थानीय लोग हैरान रह गए।

बताया गया था कि पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने कुछ लोगों के खिलाफ गुंडा नियंत्रण कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की थी। इसी सूची में मृत युवक का नाम भी शामिल था। सुनवाई के बाद उसके खिलाफ छह महीने के लिए जिला बदर किए जाने का आदेश तक जारी कर दिया गया।

मामला सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि जिस व्यक्ति की कई साल पहले मृत्यु हो चुकी थी, उसके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट तैयार करते समय उसके जीवित होने की पुष्टि क्यों नहीं की गई।

प्रशासनिक आदेश में अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल थे। कुछ आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई। लेकिन मृत युवक का नाम उसी प्रक्रिया में शामिल होना पूरे मामले को असामान्य बना गया।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना था कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने से पहले उसके बारे में बुनियादी जानकारी और वर्तमान स्थिति की जांच होना जरूरी है।

मामले ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया कि पुलिस रिकॉर्ड को अपडेट करने और कार्रवाई के लिए भेजी जाने वाली रिपोर्टों की जांच किस स्तर पर की जाती है। मृत व्यक्ति के खिलाफ जिला बदर का आदेश जारी होने की खबर सामने आने के बाद यह घटना इलाके में काफी चर्चा का विषय बन गई थी।

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