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दौड़ते समय कितना पानी पीना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें ‘85% हाइपर स्वेटिंग रूल’ और हाइड्रेशन का सही तरीका..

दौड़ते समय कितना पानी पीना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें ‘85% हाइपर स्वेटिंग रूल’ और हाइड्रेशन का सही तरीका

क्या आप भी सुबह उठकर लंबी दौड़ लगाने निकलते हैं। दौड़ते-दौड़ते कई बार आपको प्यास भी लगती होगी और आप गले को तर करने के लिए पानी भी पीते होंगे। उस समय शरीर से पसीना भी निकलता होगा। खासकर गर्म और उमस भरे मौसम में रनर्स के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि दौड़ के दौरान कितना पानी पीना चाहिए और कब इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत पड़ती है। इसी को लेकर हाई-परफॉर्मेंस कोच और फिटनेस एक्सपर्ट शिवेंद्र प्रताप सिंह कंवर ने अपने एक वीडियो में हाइड्रेशन रूटीन साझा किया है। इसमें उन्होंने ‘85% हाइपर स्वेटिंग रूल’ की जानकारी दी है।

कंवर के मुताबिक, लंबी दौड़ के दौरान वह हर 5 किलोमीटर पर करीब 250 से 300 मिलीलीटर पानी पीते हैं। इसके साथ वह कार्बोहाइड्रेट और इलेक्ट्रोलाइट्स वाले रनिंग जेल भी लेते हैं।

लेकिन क्या हर रनर को इसी फॉर्मूले को फॉलो करना चाहिए? इस बारे में जब इंडियन एक्सप्रेस की टीम ने Wockhardt Hospitals के सीनियर कंसल्टेंट और स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. गजनफर पटेल से बात की तो उन्होंने बताया कि हाइड्रेशन की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकती है।

क्या ज्यादा पानी पीने से पसीना कम आता है?

डॉ. पटेल के अनुसार, पसीना आना शरीर का नेचुरली कूलिंग सिस्टम है। जब शरीर का तापमान बढ़ता है तो पसीना शरीर को ठंडा करने में मदद करता है। इसलिए पानी पीने का मतलब यह नहीं है कि आपको कम पसीना आएगा।

दरअसल, किसी व्यक्ति को कितना पसीना आएगा, यह कई बातों पर निर्भर करता है। जैसे दौड़ने की स्पीड, शरीर का आकार, फिटनेस लेवल, तापमान और हवा में नमी। यही वजह है कि एक ही दूरी दौड़ने वाले दो लोगों के शरीर से निकलने वाले पसीने की मात्रा अलग-अलग हो सकती है।

हर 5 किलोमीटर पर 200 से 300 मिलीलीटर पानी पीना कुछ लोगों के लिए ठीक हो सकता है, लेकिन इसे हर किसी के लिए एक तय नियम नहीं मानना चाहिए। लंबी दौड़ के दौरान प्यास और अपने शरीर की जरूरत को समझकर पानी पीना ज्यादा बेहतर तरीका हो सकता है।

दौड़ते समय कब चाहिए इलेक्ट्रोलाइट्स?

अगर आप करीब एक घंटे तक दौड़ रहे हैं, मौसम बहुत गर्म नहीं है और आपने सामान्य तरीके से खाना खाया है, तो ज्यादातर लोगों के लिए सिर्फ पानी ही काफी हो सकता है।

लेकिन अगर रन 60 से 90 मिनट से ज्यादा लंबी हो, बहुत ज्यादा पसीना आ रहा हो या बाहर तेज गर्मी हो, तो इलेक्ट्रोलाइट्स की जरूरत बढ़ सकती है। पसीने के साथ शरीर से सोडियम भी निकलता है, इसलिए लंबे समय तक दौड़ने वालों के लिए सोडियम की पूर्ति जरूरी हो सकती है।

डॉ. पटेल के अनुसार, लंबे रन के दौरान लगभग 300 से 600 मिलीग्राम सोडियम प्रति घंटे एक सामान्य रेंज हो सकती है। हालांकि, जिन्हें बहुत ज्यादा पसीना आता है या जिनके पसीने में नमक की मात्रा अधिक होती है, उनकी जरूरत अलग हो सकती है।

गर्मी और उमस में रखें इन बातों का ध्यान

गर्म और उमस भरे मौसम में दौड़ने से पहले शरीर का हाइड्रेटेड होना जरूरी है। दौड़ के दौरान एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने के बजाय जरूरत और प्यास के अनुसार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी लेते रहना बेहतर हो सकता है।

लंबी दौड़ में पानी के साथ सोडियम और कार्बोहाइड्रेट वाले ड्रिंक्स या रनिंग जेल भी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दौड़ते समय शरीर से निकले पसीने की हर बूंद की भरपाई तुरंत करनी है।

डिहाइड्रेशन के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

दौड़ते समय शरीर में पानी की कमी होने पर कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं, जैसे—

बहुत ज्यादा प्यास लगनामुंह सूखनाचक्कर आनासिरदर्द होनाअसामान्य रूप से थकान महसूस होनादौड़ने की क्षमता या परफॉर्मेंस में अचानक कमी आना

खासकर गर्म मौसम में इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी हो सकता है नुकसानदायक

सिर्फ पानी की कमी ही नहीं, जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी समस्या पैदा कर सकता है। अगर दौड़ते समय मितली, पेट फूला हुआ महसूस हो, सिरदर्द, भ्रम या शरीर में सूजन जैसे लक्षण नजर आएं, तो इसे भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

कुल मिलाकर, दौड़ते समय हाइड्रेशन का कोई एक नियम हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता। दौड़ की दूरी, उसकी अवधि, मौसम, पसीने की मात्रा और आपकी फिटनेस—सभी बातें मायने रखती हैं। छोटी दौड़ के लिए पानी पर्याप्त हो सकता है, जबकि लंबी और ज्यादा मेहनत वाली दौड़ में पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स और कार्बोहाइड्रेट की जरूरत पड़ सकती है।

Disclaimer: यह लेख पब्लिक डोमेन में उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञ से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी नई एक्सरसाइज या फिटनेस रूटीन को अपनाने से पहले अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

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