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महमूदाबाद में निकला ऐतिहासिक आठवीं का जुलूस, गहवारे की जियारत के बाद कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक हुए 72 ताबूत

सीतापुर / महमूदाबाद। हजरत इमाम हसन अस्करी की शहादत की याद में शनिवार को किला महमूदाबाद से ऐतिहासिक आठवीं का जुलूस निकाला गया। प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस व पीएसी के जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच गमगीन माहौल में जुलूस कर्बला पहुंचा, जहां किले की शाही जरी व कर्बला के 72 शहीदों के ताबूत सुपुर्दएखाक किए गए। इस दौरान ड्रोन कैमरों से निगरानी की गयी। 

किला महमूदाबाद से शुरू हुए जुलूस का नेतृत्व प्रो. अली खान ने किया। सबील, अलम, ऊंट, दुलदुल, ताबूत व ताजिए से सुसज्जित जुलूस शिया जामा मस्जिद पहुंचा। अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन अब्बासिया और अंजुमन हैदरी की ओर से नौहाख्वानी और मातमजनी की गयी। परंपरागत रास्तों से आगे बढ़ता हुआ जुलूस पुरानी बाजार स्थित रेलवे स्टेशन के नजदीक जामा मस्जिद पहुंचा। कर्बला में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन के छह माह के बेटे अली असगर अ.स का गहवारा सजाने के लिए चिन्हित लोगों ने मस्जिद में 3:15 बजे प्रवेश किया। इसके बाद गहवारा सजाकर 3:27 बजे बाहर आकर जुलूस में शामिल किया गया।

शाम करीब 4:30 बजे जुलूस अमीरगंज स्थित कर्बला पहुंचा। रास्ते के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जुलजुना और मातम देखने के लिए मौजूद रहे। शाम करीब छह बजे गमगीन माहौल में या हुसैन की सदाओं के बीच किले की शाही जरी और कर्बला के शहीदों के 72 ताबूत सुपुर्दएखाक किए गए। प्रोफेसर डॉ. अली खान ने जियारत पढ़ी।

इस दौरान पूर्व मंत्री डॉ. अम्मार रिजवी, अन्नू, अब्बास हैदर, फैज अब्बास, कमर अब्बास, जाबाज, रज्जू मियां, इल्हाक़ हुसैन सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था की कमान एएसपी दुर्गेश सिंह, एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी और सीओ वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने संभाली। कोतवाल भानु प्रताप सिंह, थाना प्रभारी सदरपुर आशुतोष मिश्रा, रामपुर मथुरा के मुकेश वर्मा, सिधौली के विजेंद्र सिंह आदि पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।

25 थानों की पुलिस, ड्रोन कैमरों से हुई निगरानी

आठवीं के जुलूस को लेकर महमूदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाकचौबंद रही। जुलूस मार्ग पर 25 थानों की पुलिस के साथ करीब दो प्लाटून पीएसी तैनात रही। रेलवे स्टेशन और जामा मस्जिद क्षेत्र के आसपास कई मकानों की छतों पर पुलिस व पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। वहीं, खुफिया विभाग के अधिकारियों ने भी लगातार गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। जुलूस की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई।

पुराने शहर में गूंजीं या हुसैन की सदाएं

सीतापुर के पुराने शहर में भी हजरत इमाम हसन अस्करी की शहादत की याद में आठवीं का जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने गमगीन माहौल में जुलूस में शिरकत कर शहीदाने कर्बला को याद किया। सज्जादिया इमामबाड़े से शुरु हुए जुलूस में आलम, ताबूत और दुलदुल आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न अंजुमनों की ओर से नौहाख्वानी और मातम किया गया। 

परंपरागत रास्तों से कजियारे चौराहे होता हुआ जुलूस हाजी जी के इमामबाड़े पहुंचा। इमामबाड़े से इमाम हुसैन के छह माह के बेटे की याद में गहवारा निकला। जिसके बाद अकीदतमंदों ने जियारत की। जुलूस के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा। एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन, क्षेत्राधिकारी नगर कपूर कुमार ने जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की। शाम को जुलूस हाजी जी की करबला पहुंचा, जहां ताजिये और ताबूत सुपुर्दे खाक किये गए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस में शामिल होकर शहीदाने कर्बला को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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