अपने डाइजेशन को दुरुस्त रखने के लिए आप रोजाना अर्धमत्स्येन्द्रासन कर सकते हैं. ये पाचन तंत्र के साथ ही पेट के अंगों जैसे लिवर किडनी को भी एक्टिव करता है और पाचन को सही करके कब्ज जैसी दिक्कतों से आराम दिलाता है. ये आपकी पीठ के निचले हिस्से के स्ट्रेस को भी कम करता है और पोस्चर में सुधार करने में भी हेल्पफुल है.

भुजंगासन पाचन तंत्र के लिए बेहद अच्छा योगा पोज है. इसे आप रोजाना सुबह 3030 सेकंड तक होल्ड करके 3 से 4 बार कर सकते हैं. इससे एसिडिटी, गैस, कब्ज आदि से राहत दिलाने में मदद करता है. इसे सुबह खाली पेट करना चाहिए. दरअसल जब आप पेट के बल लेटकर अपने शरीर के अगले हिस्से को ऊपर की तरफ उठाते हैं तो आपके पेट के अंगों को भी बढ़िया स्ट्रेच मिलता है.
आपको अक्सर पेट में गैस की वजह से होने वाले दर्द से दोचार होना पड़ता है तो आपको पवनमुक्तासन करना चाहिए. ये योगासन पेट में फंसी गैस को बाहर निकालकर अफारा को कम करता है. दरअसल इस योगा पोज को करने के दौरान आपकी पेट की मसल्स पर दबाव पड़ता है, जिससे गैस पेट से बाहर निकल जाती है.
आप अपने योगा रूटीन में मार्जरीआसनबिटिलासन को शामिल कर सकते हैं. ये योगासन न सिर्फ आपकी रीढ़ को लचीला और मजबूत बनाता है, बल्कि पीठ दर्द से राहत दिलाने से लेकर मेंटल स्ट्रेस को कम करने के साथ ही पाचन में भी सुधार करता है.
पाचन को सही रखने के लिए वज्रासन एक बेहतरीन आसन है. दरअसल इसे आप खाली पेट के अलावा खाना खाने के बाद भी कर सकते हैं. अगर आपको खाने के बाद टहलने का मन नहीं करता है या फिर घूमने का टाइम नहीं रहता है तो आप वज्रासन कर सकते हैं. ये योगा पोज खाने को पचाने में मदद करता है.



