
मेरठ: कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित की गई उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला दरोगा अनु कॉलिस ने अब इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने यूट्यूब लाइव के जरिए अपनी बात रखी और वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति पर गंभीर सवाल उठाए।
अनु कॉलिस ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी हासिल करने में वर्षों की मेहनत लगती है, लेकिन कुछ लोगों ने कथित तौर पर व्यूज और लोकप्रियता के लिए उनकी निजी जिंदगी को निशाना बनाया।
वायरल वीडियो को लेकर क्या बोलीं अनु?
लाइव के दौरान अनु कॉलिस ने उस ड्रेस को लेकर भी बात की, जिसे कथित वायरल वीडियो से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह ड्रेस उन्होंने अपनी मां के साथ मॉल से खरीदी थी और उनके लिए यह सामान्य पहनावा है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब उनके पहनावे से उन्हें या उनके परिवार को कोई परेशानी नहीं है, तो दूसरे लोग इस पर सवाल क्यों उठा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी महिला की जिंदगी को इस तरह प्रभावित करना उचित नहीं है।
वीडियो वायरल करने वाले पर लगाया आरोप
अनु ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर पर वीडियो वायरल करने और उनके बारे में अलग-अलग आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित वीडियो बाद में उसके सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया गया और उनके भाई से माफी मांगने की बात कही गई।
हालांकि, वीडियो वायरल होने से जुड़े आरोपों और दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस विभाग ने क्यों किया निलंबित?
कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने अनु कॉलिस के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, 16 अगस्त 2026 को तत्कालीन मेरठ एसएसपी के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था।
मामले की जांच एसपी क्राइम अवनीश कुमार को सौंपी गई है। जांच में वायरल वीडियो और उससे जुड़े आरोपों के साथ-साथ पुलिस आचरण नियमों के संभावित उल्लंघन की भी पड़ताल की जा रही है।
2023 बैच की पुलिस अधिकारी हैं अनु कॉलिस
अनु कॉलिस 2023 बैच की यूपी पुलिस दरोगा बताई जाती हैं और मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं। मेरठ में वह रोहटा थाना, ब्रह्मपुरी और एसएसपी कार्यालय में तैनात रह चुकी हैं।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर विवाद सोशल मीडिया से निकलकर विभागीय जांच तक पहुंच चुका है। अब मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



