
हरपालपुर/हरदोई, अमृत विचार। गंगा और रामगंगा नदियों के लगातार बढ़ रहे जलस्तर तथा रामगंगा नदी की धारा में विद्युत पोल गिरने से संभावित हादसे के खतरे को देखते हुए विद्युत विभाग ने पलिया विद्युत उपकेंद्र के खद्दीपुर फीडर की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है। इस फीडर से जुड़े लगभग 70 गांवों और मजरों में रहने वाले करीब तीन हजार उपभोक्ताओं की बिजली सुरक्षा की दृष्टि से रोक दी गई है। विद्युत आपूर्ति बंद होने से ग्रामीणों को अंधेरे में रहने के साथ ही रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के बीच रामगंगा की धारा तेज होने से विद्युत लाइन के पोलों के गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में विद्युत विभाग ने किसी प्रकार की जनहानि अथवा विद्युत हादसे को रोकने के लिए खद्दीपुर फीडर की लाइन बंद करने का निर्णय लिया है। विभागीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और जलस्तर कम होने तथा खतरा टलने के बाद ही आपूर्ति बहाल किए जाने की संभावना है।
70 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप
फीडर से जुड़े गांवमजरों में दहिलिया, बेसहारा, ब्राह्मण पुरवा, कछियन पुरवा, अहिरन पुरवा, जवाहर पुरवा, किशनपुरवा, जीवन पुरवा, जसा पुरवा, रामनगर, अदनिया, गंगापुरवा, घसापुरवा, बारामऊ, खजुआपुर, कुण्डपुरा, गढ़िया, ढकपुरा, तिवारी पुरवा, पतारपुरवा, चन्द्रमपुर, बरगदा पुरवा, छंगा पुरवा, शिब्बा पुरवा, अर्जुनपुर, ज्ञानपुर, सहित लगभग 70 गांवों की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गयी है।
बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान
बिजली आपूर्ति बंद किए जाने से इन गांवों के लगभग तीन हजार उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ेगी। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति में बिजली बंद करना सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है, लेकिन लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से पेयजल, मोबाइल चार्जिंग, घरेलू कार्यों और अन्य जरूरी सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जलस्तर कम होने के बाद जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल किए जाने की मांग की है।



