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‘3 दिन में सुधारे जाएंगे बिल’, भारी-भरकम बिजली बिलों से परेशान पंजाबियों को मंत्री सोंध ने दी बड़ी राहत

चंडीगढ़ : पंजाब में पिछले कुछ समय से भारीभरकम और औसत बिजली बिलों का सामना कर रहे उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने स्पष्ट किया है कि मीटर रीडरों की हड़ताल और बिलिंग सॉफ्टवेयर में आई तकनीकी खराबी के कारण कुछ उपभोक्ताओं को गलत बिल जारी हो गए थे। सरकार ने इस समस्या को पूरी तरह गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर इसका निपटारा शुरू कर दिया है।

तीन दिन के भीतर जारी होंगे नए बिल, एडवांस पैसा होगा एडजस्ट
मुख्यमंत्री की सख्त हिदायतों का हवाला देते हुए बिजली मंत्री ने ऐलान किया है कि अगले 3 कामकाजी दिनों के भीतर सभी प्रभावित उपभोक्ताओं को बिल्कुल फ्रेश और सुधारे गए बिल जारी कर दिए जाएंगे। जिन लोगों ने अभी तक बिल जमा नहीं किया है, उन्हें नया बिल मिलेगा, जिसमें मई और जून की 300 यूनिट मुफ्त बिजली की पूरी सब्सिडी मिलेगी और उन्हें सिर्फ जुलाई की अतिरिक्त खपत का ही पैसा देना होगा। वहीं, जिन उपभोक्ताओं ने मजबूरी में भारी बिल भर दिए हैं, उन्हें भी घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उनका अतिरिक्त पैसा अगले बिलिंग साइकिल में एडजस्ट कर दिया जाएगा।

औसत रीडिंग के कारण छिन गई थी 300 यूनिट की सब्सिडी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिजली मंत्री ने गणितीय आंकड़ों से समझाया कि आखिर बिलों में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हुई। दरअसल, मई और जून में मीटर रीडरों की हड़ताल के चलते नियमित रीडिंग नहीं हो पाई थी। इसके बाद जब जुलाई के पीक सीजन में खपत बढ़ी, तो विभाग ने तीनों महीनों की कुल खपत को जोड़कर उसे 3 से भाग दे दिया और औसत बिल तैयार कर दिया। इस प्रक्रिया के कारण उपभोक्ता अपनी 300 यूनिट प्रति माह की मुफ्त बिजली सब्सिडी से वंचित हो गए। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि पावरकॉम के कुल 78 लाख उपभोक्ताओं में से सिर्फ 63 हजार लोग ही इस समस्या से प्रभावित हुए हैं।

सॉफ्टवेयर कंपनी को नोटिस, सरकार ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लाखों रुपये के फर्जी बिलों की सच्चाई बताते हुए मंत्री सोंध ने कहा कि पावरकॉम के पुराने ‘सैप’ सिस्टम से नए बिलिंग सिस्टम में डेटा ट्रांसफर करने के दौरान यह तकनीकी खराबी पैदा हुई थी। विभाग की गहन जांच में पाया गया कि 98 फीसदी बिल बिल्कुल सही थे, केवल 2 फीसदी में ही सॉफ्टवेयर की गलती सामने आई है। पंजाब सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस सॉफ्टवेयर ग्लिच को हमेशा के लिए ठीक कर दिया है। इसके साथ ही, इस भारी लापरवाही के लिए जिम्मेदार संबंधित कंपनी को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर 5 साल के लीगल बॉन्ड के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

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