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अलग-अलग समुदायों की समस्याएं सुनने देशभर में जाएंगे: हरजीत गरेवाल

बंदी सिखों के मुद्दे पर दावों के बजाय तथ्यों के आधार पर हो फैसला: गरेवाल

राम रहीम को अगर नियमों के तहत मिल रही पैरोल तो व्यवस्था देखें: गरेवाल

चंडीगढ़ : पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन हरजीत सिंह गरेवाल ने कहा कि आयोग की ओर से अलगअलग समुदायों के लोगों के साथ बैठकें कर उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास है कि केवल कार्यालय में बैठकर शिकायतों का इंतजार करने के बजाय विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों की समस्याओं और विचारों को सुना जाए। गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों की बात सुनना और उस पर विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के अन्य हिस्सों में भी बैठकें की जाएंगी।

गरेवाल ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे अधिक सेकुलर देशों में शामिल है। सरकार या विपक्ष की नीतियों का विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी में भारी कमी आई है और जबरन धर्म परिवर्तन की घटनाएं सामने आती रही हैं। अफगानिस्तान में सिख समुदाय की घटती संख्या का भी उन्होंने उल्लेख किया।

बंदी सिखों के मुद्दे पर गरेवाल ने कहा कि इस संबंध में कई तरह के दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि कई बंदी सिख रिहा हो चुके हैं और कुछ मामलों में पैरोल भी दी गई है। उन्होंने कहा कि अन्याय केवल अल्पसंख्यकों के साथ ही नहीं, बल्कि बहुसंख्यक समुदाय के लोगों के साथ भी हो सकता है, इसलिए हर मामले को तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए।

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बारबार पैरोल मिलने के सवाल पर गरेवाल ने कहा कि यदि किसी को पैरोल नियमों के तहत मिल रही है तो संबंधित व्यवस्था के तहत कार्रवाई का सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग के पास इस संबंध में फिलहाल कोई ऐसी शिकायत नहीं आई है, जिस पर आयोग को कार्रवाई करनी पड़े।

गरेवाल ने बताया कि आयोग के पास अब तक करीब सात हजार शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आयोग इन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बिहार के किशनगंज का भी जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां मुस्लिम आबादी करीब 90 प्रतिशत हो चुकी है और कुछ स्थानों पर हिंदुओं को अंतिम संस्कार करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की भी निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक स्थिति सामने आना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक आयोग का उद्देश्य किसी समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सभी समुदायों के अधिकारों और शिकायतों को समान रूप से सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना है।

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