
लखनऊ। पड़ोसी देश में भीषण बाढ़ आने के बाद सशस्त्र सीमा बल ने 1751 किलोमीटर लंबी भारतनेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित अपनी सभी इकाइयों/प्रतिष्ठानों को अलर्ट कर दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए एसएसबी के 18 दल तैनात किये गये हैं तथा उनमें सात को तैयार रहने को कहा गया है।
यूपी में अलर्ट
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश में पड़ोसी मुल्क की सीमा से सटे महराजगंज और कुशीनगर जिलों में निगरानी बढ़ा दी गयी है। यह जानकारी एक आधिकारिक बयान से मिली। राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपाल में आयी भीषण बाढ़ से हुए नुकसान को गंभीर चिंता का विषय बताया और महराजगंज एवं कुशीनगर के स्थानीय प्रशासन को सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सीएम योगी ने जताई चिंता
बयान में कहा गया है कि नेपाल में आई बाढ़ के असर से सीमा से सटे इन दो जिलों में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने की आशंका है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को नदियों के जलस्तर पर कड़ी नजर रखने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया।
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बयान के मुताबिक नेपाल में बाढ़ से हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने भगवान पशुपतिनाथ से प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना की। नेपाल के तिब्बत से सटे रसुवा जिले में अचानक आयी विनाशकारी बाढ़ में कई गांवों के बह जाने और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान होने के बाद लापता हुए लगभग 400 लोगों में कम से कम 105 भारतीय शामिल हैं।
महाराजगंज में बढ़ी सतर्कता
नेपाल के रसुवा जिले के सीमावर्ती टिमुरे क्षेत्र में तिब्बत की ओर से अचानक अत्यधिक जलप्रवाह आने से भोटेकोशी नदी में आकस्मिक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की सूचना के बाद महाराजगंज जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को जिले में विशेष सतर्कता बरतने और गंडक नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार, बुधवार सुबह करीब नौ बजे नेपाल के टिमुरे क्षेत्र में अचानक अत्यधिक जलप्रवाह आने से भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ गया। इसके कारण टिमुरे बाजार और आसपास के नदी तटीय क्षेत्रों में नुकसान की प्रारंभिक सूचना है। प्रशासन के अनुसार, भोटेकोशीत्रिशूली नदी तंत्र के माध्यम से इस जलप्रवाह का प्रभाव निचले क्षेत्रों में पड़ने की संभावना को देखते हुए महाराजगंज में गंडक नदी के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित तहसीलों, राजस्व विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य विभागों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। नदी तटीय और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखते हुए जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि नदी तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें तथा अनावश्यक रूप से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास न जाएं।
प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी
जलस्तर बढ़ने या प्रशासन की ओर से चेतावनी जारी किए जाने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर चले जाएं। बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास न जाने दें। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
आपातकाल नंबर जारी
जिला प्रशासन स्थिति पर 24 घंटे निगरानी रख रहा है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक जिला आपातकालीन संचालन केंद्र , महाराजगंज से संपर्क कर सकते हैं। आपातकालीन संपर्क नंबर 05523222162, आपदा हेल्पलाइन 1077, तथा 9628819145 और 9621333537 जारी किए गए हैं।
एसएसबी ने सीमा इकाइयों को अलर्ट किया, 18 राहत दल तैनात किये नयी दिल्ली, 26 अगस्त अधिकारियों ने बताया कि एसएसबी का यह अलर्ट कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने के अनुमान और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की संभावना के बीच जारी किया गया है।
यूपी उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में अर्धसैनिक बल तैनात
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में घाघरा/करनाली एवं महाकाली नदी प्रणालियों वाले संवेदनशील जिलों पर भी अर्धसैनिक बल की नजर है। नेपाल में तिब्बत की सीमा से सटे रसुवा जिले में अचानक बाढ़ आ जाने से गांवों के बह जाने और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के बाद लगभग 400 लोग लापता हैं। इनमें कम से कम 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय हैं।


