TrendingUttar Pradesh

50 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन में विद्युत सुरक्षा जांच की एनओसी नहीं

लखनऊ, अमृत विचार: उत्तर प्रदेश में 50 किलोवाट तक के कई श्रेणी के बिजली कनेक्शन लेने के लिए अब विद्युत सुरक्षा निदेशालय से निरीक्षण के बाद अनापत्ति प्रमाणपत्र और लाइसेंस प्राप्त विद्युत ठेकेदार का कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य नहीं होगा। राज्य सरकार ने ऐसे कनेक्शनों के लिए उपभोक्ता की स्वघोषणा को पर्याप्त कर दिया है। ऊर्जा अनुभाग3 की ओर से 14 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में यह व्यवस्था की गई है। यह अधिसूचना 4 मार्च 2015 की पूर्व अधिसूचना को अधिक्रांत करती है।

नई व्यवस्था एलएमवी1 , एलएमवी2 , एलएमवी4 , एलएमवी5 , एलएमवी9 , एलएमवी11 और एचवी4 श्रेणियों में 50 किलोवाट तक के कनेक्शन पर लागू होगी। एलएमवी2 और एलएमवी4 श्रेणी के ऐसे प्रतिष्ठान, जहां 100 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने की संभावना है, वहां बिजली कनेक्शन जारी करने से पहले विद्युत सुरक्षा निदेशालय की जांच के बाद एनओसी और लाइसेंस प्राप्त विद्युत ठेकेदार का कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य रहेगा।
इसी तरह 10 या उससे अधिक बिस्तरों वाले अस्पताल व नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थान, पुस्तकालय, बैंक्वेट हॉल, छात्रावास, वीडियो गेम पार्लर, मेले, प्रदर्शनी स्थल, कला दीर्घाएं, शिशु कक्ष, प्ले जोन, थिएटर, संग्रहालय और 150 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले रेस्तरां में भी यह छूट नहीं मिलेगी। इन प्रतिष्ठानों में लोगों की संभावित संख्या 100 से कम होने पर भी एनओसी और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र जरूरी होगा। सार्वजनिक सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील अन्य परिसरों में भी विद्युत निरीक्षक एनओसी की आवश्यकता निर्धारित कर सकता है।

बेसमेंट में ईवी चार्जिंग पर अनिवार्य एनओसी
निजी आवास निर्माण के लिए 50 किलोवाट तक के अस्थायी कनेक्शन को छोड़कर एलएमवी9 के अन्य मामलों में एनओसी और कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र जरूरी रहेगा। वहीं एलएमवी11 के तहत भवन के बेसमेंट में किसी भी क्षमता के इलेक्ट्रिकल वाहन चार्जिंग इंस्टॉलेशन के लिए विद्युत सुरक्षा निरीक्षण के बाद एनओसी और लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार का कार्य पूर्णता प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा।

गलत घोषणा पर उपभोक्ता की होगी जिम्मेदारी
छूट वाले मामलों में उपभोक्ता को निर्धारित प्रारूप में स्वघोषणा देनी होगी। इसमें यह प्रमाणित करना होगा कि विद्युत स्थापना का काम राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त लाइसेंसधारी विद्युत ठेकेदार ने किया है और स्थापना केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के 2023 के सुरक्षा विनियमों तथा विद्युत सुरक्षा मानकों के अनुरूप है। किसी दुर्घटना के लिए उपभोक्ता स्वयं जिम्मेदार होगा और घोषणा में कोई तथ्य गलत पाए जाने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी भी उपभोक्ता की होगी। स्वघोषणा में उपभोक्ता को कनेक्शन के उपकरणों और कुल संभावित विद्युत भार का विवरण भी देना होगा। साथ ही निर्धारित शर्तों के तहत उपयुक्त रेटिंग का एमसीबी लगाना होगा, 250 वोल्ट से अधिक वोल्टेज होने पर अपनी अर्थिंग प्रणाली तथा दो किलोवाट से अधिक स्वीकृत लोड होने पर अर्थ लीकेज सुरक्षा उपकरण लगाना होगा।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply