लुधियाना: विदेश जाकर नौकरी करने का सपना दिखाकर ठगी करने का एक और मामला सामने आया है। लुधियाना में एक परिवार ने अपने बेटे को न्यूजीलैंड भेजने के लिए एजेंट पर भरोसा किया, लेकिन आरोपी ने कथित तौर पर 12 लाख रुपये लेने के बाद न वीजा दिलाया और न ही विदेश भेजा।
काफी समय तक इंतजार करने के बाद जब परिवार ने रकम वापस मांगी तो आरोपी ने पैसे लौटाने से भी इनकार कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
विदेश भेजने और नौकरी दिलाने का दिया भरोसा
शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह के मुताबिक, आरोपी पारस कुमार ने उसे विश्वास में लेकर दावा किया था कि विदेश में उसकी अच्छी जान-पहचान है। उसने गुरप्रीत के छोटे भाई परविंदर सिंह को कानूनी तरीके से न्यूजीलैंड का वीजा दिलाकर अच्छी नौकरी पर भेजने का भरोसा दिया।
आरोपी की बातों पर विश्वास करके परिवार ने अलग-अलग किस्तों में उसे कुल 12 लाख रुपये दे दिए।
रुपये लेने के बाद शुरू हुई टालमटोल
परिवार का आरोप है कि रकम मिलने के बाद पारस कुमार लगातार उन्हें अलग-अलग बहाने देता रहा। समय बीतता गया, लेकिन न तो परविंदर का वीजा आया और न ही उसे न्यूजीलैंड भेजा गया।
जब परिवार को शक हुआ और उन्होंने आरोपी से अपने पैसे वापस मांगे, तो कथित तौर पर उसने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया केस
मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच कराई। जांच के आधार पर थाना दरेसी पुलिस ने आरोपी पारस कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में केस दर्ज किया है।
पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की जांच कर रही है। साथ ही उसकी गिरफ्तारी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विदेश जाने के इच्छुक लोगों के लिए यह मामला एक बार फिर चेतावनी है कि किसी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसके लाइसेंस, वीजा प्रक्रिया और नौकरी से जुड़े दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए।



