स्वाद में बेहतरीन लगने वाली मिठाई में मिलावट होना आजकल नॉर्मल हो गया है. भारत में त्योहारी सीजन में मिठाई एकदूसरे को खिलाई न जाए तो सेलिब्रेशन अधूरा माना जाता है. काजू कतली से रसगुल्ला तक ऐसे कई पॉपुलर मिठाई हैं जो भारतीयों की सबसे ज्यादा फेवरेट है. लेकिन अगर इन्हीं में मिलावट हो तो ये सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है. काजू कतली, गुलाब जामुन जैसी मिठाइयों को चीनी और खोया से बनाया जाता है. खोया के नकली होने के अलावा इसकी खराब क्वालिटी और ठीक से स्टोर न किए जाने जैसे तरीके कई सवाल उठाते हैं.

इसके अलावा स्वीट्स में केमिकल वाला रंग, घटिया कच्चा माल, बारबार एक ही तेल का यूज जैसी कई गलतियां दोहराई जाती हैं. अगर आप भाई के लिए मिठाई खरीदने जा रही हैं तो किन मिठाई को पहले कैसे चेक करना चाहिए, चलिए आपको बताते हैं.
बर्फी की सिर्फ सफेदी देखकर न खरीदें
भारतीय मिठाइयों में सबसे ज्यादा पॉपुलर खोया से बनने वाली बर्फी है. बर्फी अगर बहुत ज्यादा चमकदार सफेद है या उसका रंग ठीक नहीं दिख रहा है तो सवाल उठ सकता है. इसके अलावा बर्फी की सतह पर पानी या नमी जमा हो तो ये भी इसके खराब स्टोरेज का संकेत देता है. मिठाई को पहले जरूर खाएं अगर खट्टी लगे तो बासी हो सकती है. सबसे बढ़िया तरीका है कि ये देखें बर्फी से अजीब गंध न आए. इसके अलावा छूने पर जरूरत से ज्यादा चिपचिपाहट या अत्यधिक सूखापन भी ताजगी पर सवाल उठा सकता है.
कलाकंद: दानेदार बनावट इसकी पहचान
स्वाद में शानदार कलाकंद को राखी पर खूब खरीदा ज्यादा है. इसे आमतौर पर दूध से तैयार किया जाता है, लेकिन खरीदते समय देखें कि इसकी बनावट बहुत ज्यादा रबड़ जैसी तो नहीं है. कलाकंद के ऊपर या नीचे पानी अलग होता दिखे तो ये बताता है कि इसे ठीक से स्टोर नहीं किया गया है. ये खाने में खट्टी महसूस हो या अजीब गंध आए तो ये इसके खराब होने का संकेत है. देखें कि मिठाई को ढककर रखा गया है या नहीं.
मोतीचूर के लड्डू
सस्ती मिलने वाली इस मिठाई को सिर्फ लोग रंग देखकर खरीद लेते हैं. पर इसमें तेल/घी की क्वालिटी और फ्रेशनेस को भी देखना चाहिए. अगर लड्डू बहुत ज्यादा चटक और अलग तरह के रंग वाले दिख रहे तो इन्हें खरीदने से बचें. अगर छूते ही उंगलियों पर रंग निकले तो भी लड्डू को न खरीदें. मिठाई से तेल ज्यादा रिस रहा हो तो क्वालिटी पर सवाल उठता है. खुले में मक्खियां बैठ रही हों या मिठाई ढकी न हो, तो न खरीदें.
रसगुल्ला में मिलावट करें चेक
सबसे जरूरी है कि रसगुल्ला को खरीदते समय ज्यादा ध्यान चाशनी और स्टोरेज पर ध्यान दें. चेक करें कि चाशनी से खट्टी या अजीब गंध नहीं आनी चाहिए. इसके अलावा रसगुल्ला ज्यादा सख्त या रबड़ जैसा हो तो उसकी गुणवत्ता पर सवाल हो सकता है. अगर किसी बड़े स्टोर से रसगुल्ले की मिठाई खरीद रहे हैं तो मैन्युफैक्चरिंग डेट और बेस्ट बिफोर जरूर देखें. खुले रसगुल्ले किस तापमान और कितनी सफाई में रखे गए हैं, यह भी देखें.
काजू कतली चमक देखकर धोखा न खाएं
काजू कतली खरीदते समय लोग अक्सर ऊपर लगे चांदी के वर्क और चमक देखकर इसे खरीद लेते हैं. इसका रबड़ जैसा होना या फिर अजीब बदबू आ रही है तो अलर्ट हो जाएं. काजू कतली ज्यादा सख्त और सूखी है तो इससे पता चलता है कि ये ठीक नहीं है. मिठाई अगर बहुत ज्यादा ऑयली या चिपचिपी सतह ताजगी पर सवाल उठा सकती है. सिर्फ महंगी दुकान या खूबसूरत पैकेजिंग को शुद्धता की गारंटी न मानें.



