
प्रतापगढ़, अमृत विचार : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन के प्रयोग के मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ प्रतापगढ़ ने दो फार्मासिस्टों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में सीएचसी लालगंज में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात अरविंद कुमार शुक्ला और फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे शामिल हैं।
निलंबन आदेश के अनुसार अरविंद कुमार शुक्ला पर आरोप है कि उनके स्टोर से एक्सपायरी पैरासिटामोल इंजेक्शन निर्गत किया गया। उस इंजेक्शन को सीएचसी लालगंज के फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे द्वारा ड्यूटी के दौरान उसकी एक्सपायरी तिथि की जांच किए बिना श्रेयसी सिंह पुत्री वाचस्पति सिंह, उप जिलाधिकारी लालगंज, प्रतापगढ़ को लगा दिया गया। मामले में एसडीएम द्वारा प्रस्तुत पत्र को साक्ष्य के रूप में उल्लेखित किया गया है। वहीं फार्मासिस्ट देव कुमार दुबे पर आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी के दौरान संबंधित इंजेक्शन की एक्सपायरी तिथि की जांच किए बिना उसका प्रयोग किया, जो औषधि के उपयोग एवं मरीज की सुरक्षा के दृष्टिगत गंभीर लापरवाही का विषय है। वहीं अरविंद कुमार शुक्ला पर अपने पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति शिथिल आचरण प्रदर्शित करने तथा राजकीय कार्यों एवं कर्तव्यों के प्रति उदासीन रहने का आरोप भी लगाया गया है। सीएमओ द्वारा दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध रहेंगे
निलंबन अवधि में संबंधित कर्मचारियों को वित्तीय नियमों के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता अनुमन्य होगा। नियमानुसार अन्य प्रतिकर भत्ते भी देय होंगे, बशर्ते संबंधित मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा हो। जीवन निर्वाह भत्ते एवं अन्य देयकों के भुगतान के लिए संबंधित कर्मचारी को यह प्रमाण प्रस्तुत करना होगा कि वह निलंबन अवधि में किसी अन्य सेवायोजन, वृत्ति अथवा व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं। निलंबन अवधि में संबंधित दोनों फार्मासिस्ट उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रतापगढ़ के कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। निलंबन आदेश की प्रतियां आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं,अपर निदेशक, प्रयागराज मंडल,वरिष्ठ कोषाधिकारी, सीएचसी अधीक्षक लालगंज एवं वेतन बिल लिपिक को भेज दिया गया है। आरोपों पर अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच एवं नियमानुसार कार्यवाही के उपरांत लिया जाएगा।
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