
ऊंचाहार, रायबरेली, अमृत विचार। नगर के प्रतिष्ठित चौहान हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती एक किशोरी मरीज का शव हॉस्पिटल के शौचालय में मिलने से हड़कंप मच गया। शव को दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है। परिजन हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं तो उधर चिकित्सक का कहना है कि किशोरी की गंभीर दशा थी, रेफर करने के बावजूद परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल नहीं गए थे।
रक्षाबंधन के दिन हुई घटना
घटना रक्षाबंधन दिन की है। नगर के कोतवाली रेलवे क्रॉसिंग के सामने स्थित चौहान हॉस्पिटल में क्षेत्र के पिपरहा गांव निवासी रामभवन यादव की बेटी साक्षी उर्फ चंद्रकला का इलाज चल रहा था। उसकी गभीर दशा थी। इस बीच उसके परिजन बाहर कहीं चले गए तो किशोरी शौचालय गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकली तो उसे आवाज दी गई। कोई प्रतिक्रिया मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर शौचालय में किशोरी मृत पड़ी हुई थी, जिसके बाद अस्पताल में अफरा तफरी मच गई।
परिजनों ने अस्पताल पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
घटना के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि अस्पताल में इसे ठीक से इलाज नहीं मिला और लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। मामले की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पोस्टमार्टम से सामने आएगा मौत का कारण
कोतवाल ओपी राय ने बताया कि किशोरी की शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिससे मौत का कारण स्पष्ट होगा। परिजनों के आरोपों की जांच स्वास्थ्य विभाग करेगा।
अस्पताल संचालक ने आरोपों से किया इनकार
चौहान हॉस्पिटल के संचालक डॉ सुनील चौहान का कहना है कि किशोरी को एक दिन पहले अस्पताल लाया गया था। उसे कई दिन से बुखार आ रहा था। उसका पहले कहीं और इलाज कराया गया था। संक्रमण काफी फ़ैल चुका था। प्रारंभिक अवस्था में ही परिजनों को जिला अस्पताल या एम्स ले जाने की सलाह दी गई थी। लेकिन परिजनों के आग्रह पर इलाज शुरू हुआ। जिसके बाद उसे थोड़ा आराम मिला, किंतु स्थिति फिर नाजुक हो गई, जिसके बाद परिजनों को तत्काल एम्स ले जाने को कहा गया। परिजन जिला मुख्यालय ले जाने के लिए वाहन तलाश रहे थे। इस बीच किशोरी शौचालय गई और वहीं उसकी मौत हो गई। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है।
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