
कई लोगों को बिना ज्यादा खाना खाए पेट फूला हुआ, भारी या तना हुआ महसूस होता है। हर बार इसकी वजह गैस नहीं होती। कब्ज, खराब खान-पान, तनाव, नींद की कमी, कम शारीरिक गतिविधि और पाचन संबंधी समस्याएं भी ब्लोटिंग का कारण बन सकती हैं।
गैस न होने पर भी क्यों होती है ब्लोटिंग?
ब्लोटिंग और गैस अलग-अलग समस्याएं हैं। कई बार आंतों में गैस सामान्य मात्रा में होती है, लेकिन शरीर उसके प्रति ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। इससे पेट में दबाव, खिंचाव और भारीपन महसूस हो सकता है।
ब्लोटिंग के आम कारण
- कब्ज
- बहुत जल्दी या ज्यादा खाना
- फास्ट फूड और तला-भुना भोजन
- छोले, चने और राजमा
- दूध से लैक्टोज इनटॉलरेंस
- IBS यानी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम
- तनाव और नींद की कमी
- कम शारीरिक गतिविधि
- पीरियड्स के दौरान हार्मोनल बदलाव
छोले, चने और राजमा में मौजूद कुछ कार्बोहाइड्रेट बड़ी आंत में फर्मेंट होकर गैस बना सकते हैं। वहीं कब्ज में मल लंबे समय तक रुका रहने से पेट भारी और फूला हुआ महसूस हो सकता है।
ब्लोटिंग के लक्षण
- पेट में भारीपन और खिंचाव
- पेट भरा हुआ महसूस होना
- गैस या गुड़गुड़ाहट
- डकार आना
- हल्का पेट दर्द
- कब्ज या दस्त के साथ पेट फूलना
ब्लोटिंग से बचने के तरीके
- धीरे-धीरे और कम मात्रा में खाना खाएं।
- तला-भुना और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
- पर्याप्त पानी पिएं।
- रोजाना हल्की वॉक या व्यायाम करें।
- फाइबर धीरे-धीरे बढ़ाएं।
- रात के खाने और सोने के बीच 2–3 घंटे का अंतर रखें।
- जिन खाद्य पदार्थों से परेशानी होती है, उनका रिकॉर्ड रखें।
- तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
अगर ब्लोटिंग लंबे समय से है या इसके साथ वजन कम होना, लगातार पेट दर्द, उल्टी, मल में खून या हीमोग्लोबिन कम होना जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से जांच कराएं।
याद रखें, हर बार पेट फूलने का मतलब गैस नहीं होता। लगातार समस्या होने पर खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।
डिस्क्लेमर
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से सलाह लें।



