CrimeIndiaTrending

चिन्नी को तो मरवाया ही, ससुर को भी रास्ते से हटाने की थी साजिश? चार्जशीट में अमरीन कौर को लेकर बड़ा खुलासा​​​​​​

Chandigarh Chinni Murder Case: चंडीगढ़ के चर्चित चिन्नी कुबाहेड़ी हत्याकांड की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, चिन्नी की हत्या की कथित साजिश रचने वाली अमरीन कौर राय सिर्फ प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी को ही रास्ते से हटाना नहीं चाहती थी, बल्कि उसके ससुर त्रिलोक सिंह राय को भी मरवाने की कोशिश की गई थी।

पुलिस के अनुसार, अमरीन का अपने ससुर के साथ जमीन-जायदाद को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच उसने कथित तौर पर गैंगस्टर लक्की पटियाल से संपर्क साधा था। पुलिस को दिए अमरीन के कथित बयान और चिन्नी हत्याकांड के आरोपी शूटर राजन उर्फ पीयूष पहलवान के बयान में भी इस बात का जिक्र होने की बात सामने आई है।

चिन्नी या ससुर, दोनों में से किसी एक को हटाने की बात

चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि अमरीन ने लक्की पटियाल तक यह संदेश पहुंचाया था कि या तो चिन्नी को मरवा दिया जाए या फिर उसके ससुर त्रिलोक सिंह राय को।

दरअसल, अमरीन और उसके ससुर के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। इसी दौरान चिन्नी से हुई प्रॉपर्टी डील ने पूरे मामले को और उलझा दिया।

पुलिस के मुताबिक, अमरीन ने मुल्लांपुर में करीब साढ़े आठ एकड़ जमीन चिन्नी के जरिए खरीदी थी। बाद में जमीन की रजिस्ट्री और कीमत को लेकर दोनों के बीच विवाद पैदा हो गया।

साढ़े आठ एकड़ जमीन बनी विवाद की बड़ी वजह

पुलिस के अनुसार, अमरीन ने अपने पति के हिस्से में मिले करीब नौ करोड़ रुपये से मुल्लांपुर में साढ़े आठ एकड़ जमीन खरीदी थी। यह जमीन चिन्नी ने उसे दिलवाई थी।

बाद में अमरीन को कथित तौर पर पता चला कि चिन्नी ने जमीन उसे बाजार कीमत से काफी अधिक दाम पर बेची थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।

अमरीन का आरोप था कि चिन्नी ने उसके साथ धोखा किया। दूसरी तरफ, उसके ससुर त्रिलोक सिंह राय भी इस जमीन को लेकर उससे अलग राय रखते थे।

ससुर ने जमीन वापस बेचने का दबाव बनाया

चार्जशीट में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि त्रिलोक सिंह राय का कहना था कि परिवार की संपत्ति उन्होंने खुद बनाई है और जब तक वह जीवित हैं, उसे किसी और के हाथ में नहीं जाने देंगे।

इसी दौरान चिन्नी ने कथित तौर पर अमरीन के ससुर से संपर्क किया और उन्हें जमीन को लेकर अपनी बातों में ले लिया। इसके बाद अमरीन के ससुर उस पर जमीन वापस चिन्नी को बेचने का दबाव बनाने लगे।

पुलिस के अनुसार, अमरीन को डर था कि ऐसा होने पर उसके हाथ से करोड़ों रुपये की जमीन निकल जाएगी। इसी संपत्ति विवाद ने कथित तौर पर उसे चिन्नी और अपने ससुर दोनों के खिलाफ साजिश रचने की ओर धकेला।

ससुर की हत्या के लिए भी गैंगस्टर से संपर्क?

जांच में पुलिस ने दावा किया है कि अमरीन ने चिन्नी के साथ-साथ अपने ससुर को भी रास्ते से हटाने के लिए लक्की पटियाल से संपर्क साधने की कोशिश की।

इस पूरी कड़ी में हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, हर्ष ने इंटरनेट मीडिया के जरिए अमरीन का संपर्क लक्की पटियाल के नेटवर्क से कराया था।

पुलिस का दावा है कि इसी संपर्क के बाद हत्या की साजिश को आगे बढ़ाया गया।

फोन पर हुई बातचीत शूटर ने भी सुनी

चार्जशीट के अनुसार, हर्ष ने राजन उर्फ पीयूष पहलवान के जरिए लक्की पटियाल से संपर्क कराया। इसके बाद डब्बा कॉल के माध्यम से स्पीकर पर लक्की और अमरीन के बीच बातचीत कराई गई।

पुलिस के मुताबिक, इस दौरान राजन ने दोनों के बीच हुई बातचीत सुनी थी। बाद में इसी बातचीत और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की।

18 मार्च को जिम के बाहर चिन्नी की हत्या

पुलिस के मुताबिक, इस कथित साजिश का एक हिस्सा 18 मार्च को अंजाम दिया गया। लक्की पटियाल के कहने पर राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह को भेजा गया।

दोनों ने सेक्टर-9 स्थित जिम के बाहर चमनप्रीत सिंह नागरा उर्फ चिन्नी पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अगले ही दिन दोनों कथित शूटरों को गिरफ्तार कर लिया।

एक के बाद एक गिरफ्तार होते गए आरोपी

शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने हत्याकांड में उनकी मदद करने और कथित तौर पर पनाह देने वालों की तलाश शुरू की।

जांच के दौरान जानू मलिक, कमलप्रीत उर्फ कमू, राहुल शर्मा और विक्की को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने अमरीन कौर और हर्षप्रीत सिंह उर्फ हर्ष सोहाणा को गिरफ्तार किया।

पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका, उनके बीच संपर्क और हत्या की साजिश से जुड़े डिजिटल एवं अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

2024 में बेची थी करोड़ों की जमीन

चार्जशीट में अमरीन के बयान के हवाले से उसके ससुर की संपत्ति का भी जिक्र किया गया है। पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 में त्रिलोक सिंह राय ने जीरकपुर में रमाडा होटल के पास करीब डेढ़ एकड़ जमीन लगभग 34-35 करोड़ रुपये में बेची थी।

इस संपत्ति और परिवार में मौजूद दूसरी जमीन-जायदाद को लेकर भी विवाद की बातें सामने आई हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि संपत्ति से जुड़े विवादों का हत्याकांड की साजिश से कितना सीधा संबंध था।

चार्जशीट के खुलासे से कई सवाल

चिन्नी हत्याकांड में सामने आई चार्जशीट ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस की कहानी के मुताबिक, एक तरफ चिन्नी के साथ जमीन की डील को लेकर विवाद था तो दूसरी तरफ अमरीन का अपने ससुर के साथ संपत्ति को लेकर मतभेद चल रहा था।

जांच में कथित गैंगस्टर कनेक्शन और शूटरों तक पहुंचने की कड़ी भी सामने आई है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और आरोपियों के बयानों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

फिलहाल पुलिस की जांच का फोकस इस बात पर है कि चिन्नी की हत्या की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और क्या वास्तव में अमरीन के ससुर को भी निशाना बनाने की योजना थी।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply