
पंजाब में पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी नेटवर्क से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लुधियाना पुलिस ने 22 वर्षीय युवक रछपाल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह शहर में जूतों की दुकान चलाने की आड़ में संवेदनशील गतिविधियों पर नजर रख रहा था और दुकान के बाहर लगाए गए CCTV कैमरों की लाइव फीड सीमा पार बैठे हैंडलर्स तक पहुंचा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी गुरदासपुर के सर्फ कोट गांव का रहने वाला है। उसने लुधियाना के फिरोजपुर रोड स्थित न्यू सुंदर नगर इलाके में एक दुकान किराए पर ली थी। बाहर से यह दुकान जूते-चप्पल बेचने की थी, लेकिन जांच में पुलिस को उसकी गतिविधियों को लेकर गंभीर संदेह सामने आया।
दुकान के बाहर लगाए CCTV कैमरों ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
जांच एजेंसियों का दावा है कि रछपाल सिंह ने दुकान के बाहर हाई-टेक CCTV कैमरे लगाए थे। इन कैमरों के जरिए आसपास के इलाके की लगातार निगरानी की जा रही थी।
पुलिस को आशंका है कि कैमरों की लाइव फीड और रिकॉर्डिंग तक पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर्स की पहुंच थी। जांच इस बात पर केंद्रित है कि इन कैमरों से किस तरह की जानकारी जुटाई जा रही थी और उसे किन लोगों तक भेजा जा रहा था।
VIP रूट और संवेदनशील गतिविधियों पर नजर रखने का शक
जांच एजेंसियों को संदेह है कि CCTV नेटवर्क के जरिए शहर की सड़कों, महत्वपूर्ण मार्गों और अन्य संवेदनशील गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि कहीं इस जानकारी का इस्तेमाल किसी बड़ी आतंकी या देशविरोधी गतिविधि की तैयारी में तो नहीं किया जा रहा था।
हालांकि, इस पूरे नेटवर्क और इसके मकसद को लेकर जांच अभी जारी है। पुलिस जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल फोन की जांच के बाद तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद कर रही है।
फर्जी नंबरों से धमकियां देने का भी आरोप
पुलिस जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि रछपाल सिंह अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए कुछ लोगों को धमकियां देता था। एजेंसियां अब इन कॉल्स की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इनका कथित जासूसी नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं।
26 अगस्त को पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
बताया गया कि 26 अगस्त को थाना सराभा नगर पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर से रछपाल सिंह की कथित देशविरोधी गतिविधियों को लेकर सूचना मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद 27 अगस्त को आरोपी के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
मोबाइल और CCTV उपकरणों की फॉरेंसिक जांच
गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन और CCTV से जुड़े उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था, किन विदेशी नंबरों से बातचीत करता था और कथित तौर पर उसे किसी तरह की आर्थिक मदद मिल रही थी या नहीं।
इसके साथ ही जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि CCTV की लाइव फीड वास्तव में किन लोगों तक पहुंच रही थी और इस नेटवर्क में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस इस कथित जासूसी नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने लाने की कोशिश कर रही है।



