Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई शहर के सबसे पुराने और नामचीन मिठाई प्रतिष्ठानों में शुमार ‘मिर्चा राम स्वीट्स’ से एक बेहद चौंकाने वाला और सेहत से खिलवाड़ करने वाला मामला सामने आया है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की छापेमारी में दुकान के अंदर ऐसी गंदगी और लापरवाही पाई गई, जिसे देखकर खुद अधिकारियों और ग्राहकों के होश उड़ गए. स्वादिष्ट मिठाइयों के लिए जानी जाने वाली इस दुकान के फ्रिज के अंदर चूहे मटरगश्ती करते पाए गए, जबकि किचन और स्टोर रूम में काला फफूंद और बदबूदार पानी भरा मिला.

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम उस वक्त हैरान रह गई जब मिठाइयों को ठंडा और सुरक्षित रखने वाले फ्रिज को खोला गया. फ्रिज के अंदर दर्जनों चूहे आराम फरमाते और घूमते हुए मिले.
जिस दुकान पर शहर के हजारों लोग सालों से भरोसे के साथ मिठाइयां खरीदते आ रहे थे, वहां खाद्य पदार्थों की शुद्धता के बजाय चूहों की मौजूदगी और भारी गंदगी पाई गई. फ्रिज के अंदर कई हिस्सों में काला फफूंद भी जमा हुआ था.
गंदगी के बीच तैयार हो रही थीं मिठाइयां, सिंथेटिक कलर का प्रयोग
खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के दौरान दुकान के स्टोर रूम और किचन में भयानक अनियमितताएं मिलीं. रसोई के फर्श पर गंदा पानी जमा था और कच्चा माल बेहद गंदे माहौल में खुले में बेतरतीब रखा गया था. तैयार मिठाइयों को बिना ढके रखा गया था, जिससे मक्खियों और कीड़ों का खतरा बना हुआ था. मिठाइयों को आकर्षक बनाने के लिए अत्यधिक और असुरक्षित सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल की बात भी प्राथमिक जांच में सामने आई है.
5 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे, कारोबार तत्काल प्रभाव से सील/बंद
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ज्ञान प्रकाश सिंह पटेल ने बताया कि टीम ने मौके से 5 प्रमुख खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए हैं. इनमें रसमलाई, राजभोग, चमचम, पनीर और खोया शामिल हैं. इन सभी नमूनों को सील कर राजकीय विश्लेषक प्रयोगशाला भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, उपभोक्ताओं की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को देखते हुए विभाग ने प्रतिष्ठान का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दे दिया है.
नामचीन दुकान का सच आने पर भड़के ग्राहक
मिर्चा राम स्वीट्स पर हुई इस कार्रवाई के बाद हरदोई की जनता और स्थानीय ग्राहकों में भारी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि शहर के इतने बड़े और भरोसेमंद नाम पर इस तरह की लापरवाही अक्षम्य है. विभाग का कहना है कि जब तक दुकान में स्वच्छता के मानकों को पूरा नहीं किया जाता और प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट नहीं आती, तब तक दोबारा कारोबार शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.


