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अक्षरधाम से जेवर एयरपोर्ट सिर्फ 60 मिनट में! ये रहा 4 हजार करोड़ का मास्टरप्लान

पूर्वी दिल्ली से जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक का सफर अब बहुत आसान और तेज होने वाला है! मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा अथॉरिटी ने 50 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के लिए फाइनल अलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है, जो दिल्ली को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ेगा. इस इंफ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट से सफर का समय कम होगा और मौजूदा सड़क नेटवर्क पर भारी दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा. इसका बजट 4 हजार करोड़ रुपए होगा. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में…

4,000 करोड़ का मेगाकॉरिडोर

रिपोर्ट के अनुसार, यह विशाल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे अक्षरधाम मंदिर के पास से शुरू होगा और सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा. कुल 50 किलोमीटर में से लगभग 27 किलोमीटर का हिस्सा नोएडा क्षेत्र में आएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मेगाकॉरिडोर अनुमानित 4,000 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा. मुख्य एक्सप्रेसवे में ट्रैफिक के स्मूद फ्लो के लिए छह लेन होंगी, और जाम से बचने के लिए एंट्री वाले हिस्सों को आठ लेन तक बढ़ाया जाएगा.

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के निर्माण और लंबे समय तक रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी, जो अभी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट के चरण में है. NHAI प्रस्तावित रूट पर मिट्टी की भार सहने की क्षमता का आकलन करने के लिए मिट्टी की जांच करेगी.

5 मीटर का जरूरी बदलाव

शुरू में, प्रोजेक्ट का अलाइनमेंट सीधे यमुना नदी के तटबंध के साथ तय किया गया था. हालांकि, UP सिंचाई विभाग ने संभावित बाढ़ के जोखिम और कुल संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं जताई थीं. अधिकारियों ने रूट को नोएडा की तरफ 5 मीटर खिसकाकर इसका समाधान किया. इस बदलाव के साथ, संशोधित अलाइनमेंट को अंतिम मंजूरी मिल गई है. नोएडा सेक्टर 94 से तटबंध के साथ चलने वाली 120 मीटर चौड़ी सड़क इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का मुख्य रास्ता होगी.

दिल्ली से जेवर 6070 मिनट में

एक बार चालू होने के बाद, 50 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे से दिल्ली और जेवर एयरपोर्ट के बीच यात्रा का समय घटकर एक घंटे से थोड़ा ज्यादा रह जाने का अनुमान है. मयूर विहार, पटपड़गंज, IP एक्सटेंशन, कालिंदी कुंज और सरिता विहार के निवासियों को एयरपोर्ट तक तेजी से पहुंचने की सुविधा मिलेगी, साथ ही यह कॉरिडोर मंझावली पुल के जरिए फरीदाबाद से भी जुड़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, आखिर में यह 50 किलोमीटर का हिस्सा NCR की बेहतर कनेक्टिविटी का एक अहम हिस्सा बनेगा और कई बड़े एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा.

गाजियाबाद से जेवर तक रैपिड रेलमेट्रो हाइब्रिड

न सिर्फ सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार हो रहा है, बल्कि NCR के पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलने वाला है. इस महीने की शुरुआत में, नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने एक नए 72.44 किलोमीटर लंबे ट्रांजिट कॉरिडोर की योजना का ऐलान किया, जो गाजियाबाद को सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगा.

इस कॉरिडोर में एक नया डुअलसर्विस मॉडल होगा. इससे यात्रियों को तेज इंटरसिटी यात्रा के लिए 11 नमो भारत ​​स्टेशनों और गाजियाबाद, नोएडा व एयरपोर्ट के बीच छोटी, लोकल यात्राओं के लिए 18 लोकल मेट्रो स्टेशनों की सुविधा मिलेगी.

NCRTC ने बताया कि यह विशाल कॉरिडोर दिल्लीमेरठ नमो भारत के गाजियाबाद स्टेशन को जेवर से जोड़ेगा. यह मुख्य रूप से एलिवेटेड होगा और इसमें 1.29 किलोमीटर का छोटा सा अंडरग्राउंड हिस्सा भी होगा.

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