
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। दिल्ली से बैजनाथ जा रही हरियाणा रोडवेज की बस में सफर कर रही एक महिला के पास जिंदा कछुआ मिलने के बाद हड़कंप मच गया। महिला का कहना था कि वह कछुए को धर्मशाला के एक मंदिर में रहने वाले महंत को देने के लिए लेकर जा रही थी। हालांकि, उसके पास कछुए को रखने या ले जाने से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं था।
मामला उस वक्त सामने आया जब बस देर रात एक ढाबे पर रुकी। इसके बाद चालक की नजर महिला के हाथ में मौजूद डिब्बे पर पड़ी और पूरा मामला खुल गया।
52 यात्रियों को लेकर दिल्ली से निकली थी बस
जानकारी के मुताबिक, 29 अगस्त को हरियाणा रोडवेज की बस दिल्ली से बैजनाथ के लिए रवाना हुई थी। बस में करीब 52 यात्री सवार थे। रात करीब 1:30 बजे बस पक्का परोह के पास एक ढाबे पर रुकी।
बस रुकने के बाद एक महिला नीचे उतरी और अपने साथ रखे डिब्बे में मौजूद पानी को बदलने लगी। इसी दौरान बस चालक सुधीर कुमार की नजर डिब्बे के अंदर गई तो वह हैरान रह गए। डिब्बे में एक जिंदा कछुआ मौजूद था।
चालक ने मांगे कछुए से जुड़े दस्तावेज
कछुआ दिखाई देने के बाद चालक ने महिला से उससे जुड़े जरूरी दस्तावेज मांगे। लेकिन महिला कोई कागजात नहीं दिखा सकी। पूछताछ में उसने खुद को उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया।
महिला ने पुलिस को बताया कि वह कछुए को धर्मशाला के एक मंदिर में रहने वाले महंत के पास ले जा रही थी। हालांकि, कछुए को कहां से लाया गया और उसे इस तरह ले जाने की अनुमति थी या नहीं, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है।
वन विभाग को सौंपा गया कछुआ
मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद जांच शुरू की गई। बस चालक की शिकायत के आधार पर महिला के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
डीएसपी अंब अनिल पटियाल के मुताबिक, पुलिस ने महिला के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51(1) के तहत केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद बरामद किए गए जिंदा कछुए को वन विभाग के हवाले कर दिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला के पास कछुआ कहां से आया और उसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।
फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।



