
लखनऊ, अमृत विचार : खरिका प्रथम वार्ड से बीजेपी पार्षद केएन सिंह पर पार्क में अवैध कब्जा करके अपना कार्यालय खोलने का आरोप लगा है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत से भी इसकी शिकायत की गयी थी। उन्होंने अधिकारियों को पार्षद का अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन कुछ नहीं हुआ। सुल्तान खान की याचिका पर उच्च न्यायालय ने सुनवाई करके नगर आयुक्त गौरव कुमार को अवैध निर्माण की जांच करके तीन महीने में हटाने का आदेश दिया है। सोमवार को याचिकाकर्ता ने नगर आयुक्त से नगर निगम मुख्यालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात करके उच्च न्यायालय के आदेश की कॉपी सौंपी। नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव को जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका में बताया गया कि खरिका प्रथम वार्ड में गाटा संख्या 535, क्षेत्रफल 0.2280 हेक्टेयर की यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में बंजर दर्ज है। इसका उपयोग पार्क के रूप में हो रहा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि पार्षद ने इस जमीन पर अवैध और मनमाने तरीके से पक्का निर्माण करा लिया है। बारबार शासनप्रशासन से शिकायत करने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
ट्रांसफर के बाद भी पार्षद के साथ लेखपाल
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि लेखपाल रमेश राम का जोन 8 से ट्रांसफर जोन 3 हो गया है। इसके बाद भी वह पार्षद से मिलते हैं। लेखपाल बीजेपी पार्षद का सहयोग कर रहे हैं। इसलिए अभी तक पार्क पर कोई कार्रवाई नहीं हो पायी। उन्होंने बताया कि सरकारी वकील ने न्यायालय में यह दलील दी कि बंजर भूमि का उपयोग केवल ग्रामसभा या सरकारी कार्य के लिए हो सकता है।
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