
लखनऊ, अमृत विचार। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर राजधानी लखनऊ के प्रमुख मंदिरों में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के कई मंदिरों में जन्माष्टमी पर विशेष पूजाअर्चना, पंचामृत स्नान, श्रृंगार, भजनकीर्तन और भव्य झांकियों का आयोजन किया जाएगा। मध्यरात्रि में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साथ अगले दिन नंदोत्सव भी मनाया जाएगा।
लखनऊ में जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं की सबसे ज्यादा भीड़ जिन मंदिरों में उमड़ती है, उनमें निराला नगर का राम कृष्ण मठ, शहीद पथ स्थित इस्कॉन मंदिर, पुलिस लाइंस मंदिर, चौक का द्वारकाधीश मंदिर, सुभाष मार्ग की श्री नाथ जी की हवेली और राजा बाजार का बिहारी जी मंदिर प्रमुख हैं।
राम कृष्ण मठ में कृष्ण लीला का मंचन
निराला नगर स्थित राम कृष्ण मठ एवं मिशन में जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत 2 सितंबर से होगी। शाम की आरती के बाद भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर विशेष प्रवचन होगा। उत्सव के दौरान बच्चे भगवान कृष्ण के जीवन के अलगअलग चरणों पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियां भी देंगे।
स्थान : राम कृष्ण मठ, निराला नगर, लखनऊ
इस्कॉन मंदिर में महाभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
शहीद पथ स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का उत्सव भव्य स्तर पर मनाया जाएगा। 3 सितंबर को दोपहर 12 बजे से मध्यरात्रि 12 बजे तक राधाकृष्ण का महा अभिषेक होगा। शाम 6:30 बजे से रात 12:30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें स्कूली बच्चे गीत और नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। जन्माष्टमी पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
स्थान : सेक्टर एफ, सुशांत गोल्फ सिटी, सुल्तानपुर रोड, शहीद पथ, लखनऊ
पुलिस लाइंस मंदिर की भव्य झांकी बनेगी आकर्षण
रिजर्व पुलिस लाइंस मंदिर में जन्माष्टमी पर तैयार की जाने वाली विशाल झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहती है। मंदिर परिसर को फूलों की सजावट और रंगोली से सजाया जाता है। इस वर्ष झांकी 2 सितंबर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दी जाएगी और 4 सितंबर तक इसका प्रदर्शन किया जाएगा। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु झांकी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
स्थान : रिजर्व पुलिस लाइंस, लखनऊ विश्वविद्यालय के पास, लखनऊ
द्वारकाधीश मंदिर में आधी रात मनाया जाएगा जन्मोत्सव
चौक स्थित द्वारकाधीश मंदिर को 100 वर्ष से अधिक पुराना बताया जाता है। यहां 3 सितंबर को सुबह 10 बजे ठाकुर जी के पंचामृत स्नान से जन्माष्टमी समारोह की शुरुआत होगी। इसके बाद रात में भगवान का विशेष श्रृंगार और दर्शन होंगे। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। इसके अगले दिन 4 सितंबर को नंदोत्सव आयोजित होगा। नंदोत्सव के दिन दोपहर 12 बजे राजभोग लगाया जाएगा।
स्थान : खुनखुन जी भवन के पास, चौक, लखनऊ
श्री नाथ जी की हवेली में दो दिन चलेगा उत्सव
सुभाष मार्ग स्थित श्री नाथ जी की हवेली में जन्माष्टमी का उत्सव दो दिनों तक चलेगा। 3 सितंबर को सुबह 5:30 बजे ठाकुरजी का पंचामृत स्नान कराया जाएगा। शाम 6 बजे से पालने में श्री नाथ जी के दर्शन होंगे, जबकि शाम 7 बजे राजभोग लगाया जाएगा। रात 11:30 बजे श्री नाथ जी के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद 4 सितंबर को सुबह 11 बजे से नंदोत्सव होगा। इस दौरान भक्त बधाई गीत गाकर जन्मोत्सव की खुशियां मनाएंगे।
स्थान : 223, सुभाष मार्ग, याहियागंज, लखनऊ
बिहारी जी मंदिर में जन्म के समय उछाले जाएंगे मखाने और दही
राजा बाजार स्थित बिहारी जी मंदिर में भी जन्माष्टमी उत्सव दो दिनों तक चलेगा। 3 सितंबर को सुबह 6 बजे ठाकुरजी का पंचामृत स्नान कराया जाएगा। रात 11:30 बजे कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके बाद 4 सितंबर को नंद महोत्सव आयोजित होगा। मंदिर की फूलों से सजावट जन्माष्टमी से एक दिन पहले शुरू हो जाएगी। जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। भगवान के जन्म के समय मखाने और दही हवा में उछालने की परंपरा भी निभाई जाएगी।
स्थान : राजा बाजार, चौक, लखनऊ
आधी रात कृष्ण जन्म के साथ गूंजेंगे जयकारे
जन्माष्टमी पर राजधानी के इन मंदिरों में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो जाएगा। शाम होतेहोते मंदिरों में सजावट, झांकियों और भजनकीर्तन से माहौल भक्तिमय हो जाएगा। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिरों में जयकारे गूंजेंगे और इसके बाद नंदोत्सव की तैयारियां शुरू होंगी।
ः



