नई दिल्ली दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित, पारदर्शी और पर्यावरणअनुकूल बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण पहल शुरू कीं। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने डीटीसी के तेहखंड डिपो में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 50 नई शून्यउत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही दिल्ली और रेवाड़ी के बीच अंतरराज्यीय ईबस सेवा की भी शुरुआत की गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने डीटीसी की कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य केवल समस्याओं की चर्चा करना नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी सहयोगियों को इन पहलों के लिए बधाई देते हुए कहा कि दिल्ली के परिवहन तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ पंकज कुमार सिंह, दक्षिणी दिल्ली से सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने साझा किए चार ‘एस’ के मूल मंत्र
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार को सेफ्टी, सस्टैनबिलिटी, सीमलेस कनेक्टिविटी, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर लगातार काम करना होगा। यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन सहित कई सुरक्षा सुविधाएं दी गई हैं। दिल्ली में बस नेटवर्क का विस्तार कर शहर के अलगअलग हिस्सों के बीच संपर्क को और बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।
अब काम और समाधान दोनों हो रहे हैं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय काम करने के बजाय काम की फिक्र और फिक्र का जिक्र अधिक किया जाता था। लंबे समय तक डीटीसी कर्ज में रहा, कर्मचारी परेशान रहे और ड्राइवर, कंडक्टर और अधिकारियों की समस्याएं उलझी रहीं। दिल्ली की जनता लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसती रही, लेकिन वर्तमान सरकार के करीब डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में दिल्ली ने विकास की नई रफ्तार पकड़ी है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की सरकार जनता के कामों को प्राथमिकता देते हुए परिणाम देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पुराने बस शेल्टर भी होंगे आधुनिक
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में केवल बसों की संख्या बढ़ाना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि यात्रियों को बेहतर और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है। दिल्ली के पुराने और जर्जर बस शेल्टरों को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा ताकि बसें आधुनिक हों और बस स्टैंड भी दिल्ली के बदलते स्वरूप के अनुरूप सुंदर और सुविधाजनक दिखाई दें।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को मिला बड़ा समर्थन
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अब तक 18 लाख महिलाओं ने पिंक कार्ड बनवा लिए हैं। महिलाओं को पिंक कार्ड बनवाने के लिए 17 सितंबर तक यानी प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन तक, अतिरिक्त अवसर दिया गया है। इसके बाद पिंक टिकट की व्यवस्था समाप्त की जाएगी। उन्होंने दिल्ली की महिलाओं से अपील की कि वे जल्द से जल्द अपना पिंक कार्ड बनवाएं।
तेहखंड में शुरू हुआ अत्याधुनिक स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र
मुख्यमंत्री ने डीटीसी तेहखंड डिपो में दिल्ली के दूसरे स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। इससे पहले नंद नगरी डिपो में एटीएस शुरू किया जा चुका है। तेहखंड का यह 4लेन स्वचालित परीक्षण केंद्र वाहनों की फिटनेस जांच को ज्यादा वैज्ञानिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाएगा। इस एटीएस में भारी मोटर वाहनों के लिए 2 लेन, हल्के मोटर वाहनों के लिए एक लेन और दोपहिया वाहनों के लिए एक लेन होगी।
इसकी वार्षिक परीक्षण क्षमता 72,000 वाहन होगी, जिसमें 52,000 भारी/हल्के मोटर वाहन और 20,000 दोपहिया वाहन शामिल हैं। पूरी परीक्षण प्रक्रिया स्वचालित होगी, जिससे मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और वाहन फिटनेस आकलन में सटीकता और पारदर्शिता बढ़ेगी। एटीएस में वाहनों की फिटनेस के लिए ब्रेक क्षमता, सस्पेंशन प्रदर्शन, हेडलाइट संरेखण, साइडस्लिप, उत्सर्जन स्तर और वाहन के निचले हिस्से की जांच जैसी जरूरी जांच भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पहले दिल्ली में बड़ी संख्या में कमर्शियल व्हीकल्स के लिए फिटनेस टेस्टिंग की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं थी और वाहन मालिकों को इसके लिए एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता था। अब दिल्ली में ही आधुनिक ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वर्तमान सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए ईवी पॉलिसी, इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार, इंटरकनेक्टिविटी और लास्टमाइल कनेक्टिविटी जैसे कई स्तरों पर काम कर रही है।
दिल्ली में सबसे ज्यादा ईवी बसें
कार्यक्रम के दौरान डीटीसी बेड़े में शामिल की गई 50 नई 12मीटर शून्यउत्सर्जन इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई गई। इन बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का कुल बस बेड़ा लगभग 6,840 बसों हो गया है, जिसमें 5,088 इलेक्ट्रिक बसें और 1,752 सीएनजी बसें शामिल हैं। दिल्ली के पास अब देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 202829 तक दिल्ली के बस बेड़े को करीब 14,000 बसों तक बढ़ाने का है।
दिल्लीरेवाड़ी के बीच शुरू हुई अंतरराज्यीय ईबस सेवा
दिल्ली सरकार ने हरित और सुविधाजनक अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को बढ़ाते हुए दिल्लीरेवाड़ी शून्यउत्सर्जन अंतरराज्यीय ईबस सेवा की शुरुआत की। यह सेवा धौला कुआंगुरुग्राममानेसरधारूहेड़ारेवाड़ी मार्ग पर चलेगी। धौला कुआं से रेवाड़ी तक लगभग 86 किलोमीटर की पूरी यात्रा का किराया 153 रुपये रखा गया है। ये बसें सुबह 6:05 से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित समय सारणी के अनुसार चलेंगी, जबकि रेवाड़ी से धौला कुआं के लिए सेवाएं सुबह 9:35 से रात 9:25 बजे तक उपलब्ध रहेंगी।
हसनपुर और गाजीपुर में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ
दिल्ली में बढ़ते ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने डीटीसी हसनपुर और गाजीपुर डिपो में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों का भी उद्घाटन किया। दोनों डिपो आनंद विहार बस अड्डे के नजदीक स्थित हैं। इन चार्जिंग स्टेशनों से क्षेत्र में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे की पहुंच बढ़ेगी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। प्रत्येक चार्जिंग स्टेशन में 240 किलोवाट क्षमता के 4 ईवी चार्जर लगाए गए हैं। ये चार्जर भारी वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों के साथसाथ इलेक्ट्रिक कारों को भी चार्ज कर सकेंगे। चार्जिंग सुविधा को 1600 केवीए कॉम्पैक्ट सबस्टेशन का सपोर्ट दिया गया है, जिसमें ट्रांसफॉर्मर, एचटी/एलटी पैनल और अन्य जरूरी विद्युत बुनियादी ढांचा शामिल है।
स्वच्छ और भरोसेमंद परिवहन पर सरकार का जोर: परिवहन मंत्री
इस अवसर पर दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए तेहखंड डिपो में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र शुरू किया गया है। यहां सालाना करीब 72,000 वाहनों की फिटनेस जांच होगी। डीटीसी में 50 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने से बस बेड़ा करीब 6,840 हो जाएगा, जिसमें लगभग 5,100 इलेक्ट्रिक बसें होंगी। दिल्लीरेवाड़ी अंतरराज्यीय ईबस सेवा तथा हसनपुर और गाजीपुर में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन भी शुरू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्लीवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित, आरामदायक और भरोसेमंद परिवहन देना है। साथ ही, डीटीसी को मजबूत कर कर्ज से लाभ की स्थिति में लाने और कर्मचारियों की वैध मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में दिल्ली को स्वच्छ, हरित और बेहतर परिवहन व्यवस्था वाली राजधानी बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।



