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​वासुदेव, शंखी, श्रीश, माधव…आखिर क्यों हैं श्रीकृष्ण के 108 नाम? यहां समझें इनका मतलब

भगवान श्रीकृष्ण के अनेक नाम हैं जो उनके गुणों, लीलाओं और स्वरूप के बारे में बताते हैं. आमतौर पर उनके 108 नाम माने जाते हैं, हालांकि पौराणिक ग्रंथों में सैकड़ों नामों का उल्लेख मिलता है. हिंदू धर्म में जप के लिए इस्तेमाल होने वाली माला में 108 मनके होते हैं, चाहे वह रुद्राक्ष हो या तुलसी हो.

​वासुदेव, शंखी, श्रीश, माधव…आखिर क्यों हैं श्रीकृष्ण के 108 नाम? यहां समझें इनका मतलब

किसी भी देवीदेवता के नाम या मंत्र का जाप पारंपरिक रूप से 108 बार करने की परंपरा है. इसके लिए श्रीकृष्ण के 108 नामों की सूची बनी. जन्माष्टमी के मौके पर जानें श्रीकृष्ण के 108 नाम और उनका मतलब.

  1. कृष्ण: सांवले रंग वाले / आकर्षित करने वाले
  2. कमलनाथ: कमल के स्वामी
  3. वासुदेव: वसुदेव के पुत्र
  4. सनातन: नित्य, शाश्वत
  5. वसुदेवात्मज: वसुदेव की आत्मा से उत्पन्न
  6. पुण्य: पवित्र, पुण्यरूप
  7. लीलामानुषविग्रह: लीला के लिए मनुष्य रूप धारण करने वाले
  8. श्रीवत्सकौस्तुभधर: श्रीवत्स चिन्ह और कौस्तुभ मणि धारण करने वाले
  9. यशोदावत्सल: यशोदा के दुलारे पुत्र
  10. हरि: दुखों का हरण करने वाले
  11. चतुर्भुज: चार भुजाओं वाले
  12. गदाधर: गदा धारण करने वाले
  13. शंखी: शंख धारण करने वाले
  14. चक्री: सुदर्शन चक्र धारण करने वाले
  15. शार्ङ्गधन्वा: शार्ङ्ग नामक धनुष धारण करने वाले
  16. गदाधज: गदा को ध्वज रूप में रखने वाले
  17. देवकीनन्दन: देवकी के पुत्र
  18. श्रीश: लक्ष्मी के स्वामी
  19. नन्दगोपप्रियात्मज: नंद गोप के प्रिय पुत्र
  20. यमुनावेगसंहारी: यमुना के वेग को नियंत्रित करने वाले
  21. बलभद्रप्रियानुज: बलराम के प्रिय छोटे भाई
  22. पूतनाजीवितहर: पूतना के प्राण हरने वाले
  23. शकटासुरभंजन: शकटासुर का नाश करने वाले
  24. नन्दव्रजजनानन्दी: नंद के व्रज के लोगों को आनंदित करने वाले
  25. सच्चिदानन्दविग्रह: सत्, चित्, आनंद स्वरूप
  26. नवनीतविलिप्ताङ्ग: माखन से लिपटे अंगों वाले
  27. नवनीतनटन: माखन के लिए नाचने वाले
  28. मुचुकुन्दप्रसादद: मुचुकुंद को वरदान देने वाले
  29. षोडशस्त्रीसहस्रेश: सोलह हज़ार स्त्रियों के स्वामी
  30. त्रिभंगी: तीन जगह से मुड़ी हुई मुद्रा में खड़े होने वाले
  31. भक्तवत्सल: भक्तों पर वात्सल्य रखने वाले
  32. कृतवेणु: सुंदर बांसुरी धारण करने वाले
  33. कृतमाल्य: सुंदर माला पहनने वाले
  34. कामपाल: इच्छाओं को पूर्ण करने वाले
  35. कामसंतुष्ट: सभी कामनाओं से संतुष्ट
  36. यदुवंशोद्भव: यदुवंश में जन्म लेने वाले
  37. वसुदेवसुत: वसुदेव के पुत्र
  38. वासव: इंद्र के समान तेजस्वी
  39. कंसारि: कंस के शत्रु
  40. मुरारी: मुर नामक असुर के शत्रु
  41. नरकान्तक: नरकासुर का वध करने वाले
  42. अनादिब्रह्मचारी: अनादि काल से ब्रह्मचारी
  43. कृष्णाव्यसनकर्षक: द्रौपदी के कष्ट हरने वाले
  44. शिशुपालशिरश्छेत्ता: शिशुपाल का वध करने वाले
  45. दुर्योधनकुलान्तक: दुर्योधन के कुल का नाश करने वाले
  46. विदुराक्रूरवरद: विदुर और अक्रूर को वरदान देने वाले
  47. विश्वरूपप्रदर्शक: विश्वरूप दिखाने वाले
  48. सत्यवाक्: सत्य वचन बोलने वाले
  49. सत्यसंकल्प: सत्य संकल्प वाले
  50. सत्यभामारत: सत्यभामा के प्रिय
  51. जयी: सदा विजयी
  52. सुभद्रापूर्वज: सुभद्रा के बड़े भाई
  53. विष्णु: सर्वव्यापी
  54. भीष्ममुक्तिप्रदायक: भीष्म को मुक्ति देने वाले
  55. जगन्नाथ: संपूर्ण जगत के स्वामी
  56. जगद्गुरु: जगत के गुरु
  57. व्योमकेशसदृशवपुष: शिव के समान तेजस्वी शरीर वाले
  58. वनमाली: वनफूलों की माला पहनने वाले
  59. पीतवासा: पीले वस्त्र धारण करने वाले
  60. पारिजातापहारक: पारिजात पुष्प हरने वाले
  61. गोवर्धनाचलोद्धर्ता: गोवर्धन पर्वत को उठाने वाले
  62. गोपाल: गायों के रक्षक/पालक
  63. सर्वपालक: सबका पालन करने वाले
  64. अजान बाहु: घुटनों तक लंबी भुजाओं वाले
  65. पद्महस्त: कमल जैसे हाथों वाले
  66. आपन्नरक्षक: संकट में आए भक्तों की रक्षा करने वाले
  67. महात्मा: महान आत्मा वाले
  68. सर्वेश्वर: सबके ईश्वर
  69. सुरेश: देवताओं के स्वामी
  70. कपिल: कपिल मुनि रूप धारण करने वाले
  71. विष्वक्सेन: जिनकी सेना सर्वत्र फैली है
  72. जनार्दन: दुष्टों को दंड और भक्तों को आनंद देने वाले
  73. इन्द्रियाकर्ष: इंद्रियों को आकर्षित करने वाले
  74. पूतनाकोपशामनी: पूतना के क्रोध को शांत करने वाले
  75. यमलार्जुनभञ्जन: यमलार्जुन वृक्षों को गिराने वाले
  76. उत्तालतालभेत्ता: ताड़ासुर का वध करने वाले
  77. तमालश्यामलाकृति: तमाल वृक्ष जैसी सांवली आकृति वाले
  78. गोपगोपीश्वर: ग्वालों और गोपियों के स्वामी
  79. योगी: योग में स्थित
  80. कोटिसूर्यसमप्रभ: करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी
  81. इलापति: पृथ्वी के स्वामी
  82. परंज्योति: परम प्रकाश स्वरूप
  83. यादवेन्द्र: यादवों के राजा
  84. यदूद्वह: यदुवंश को धारण करने वाले
  85. वनमालाधर: वनमाला धारण करने वाले
  86. पीताम्बर: पीत वस्त्र धारण करने वाले
  87. पार्थसारथी: अर्जुन के सारथी
  88. मुरलीधर: मुरली धारण करने वाले
  89. मुरलीमनोहर: बांसुरी से मन मोहने वाले
  90. बांकेबिहारी: त्रिभंगी मुद्रा में विहार करने वाले
  91. राधारमण: राधा को आनंदित करने वाले
  92. द्वारकाधीश: द्वारका नगरी के अधिपति
  93. केशव: सुंदर केशों वाले / केशी असुर का वध करने वाले
  94. माधव: लक्ष्मी के पति / मधु वंश से जुड़े
  95. मोहन: मन मोहने वाले
  96. गिरिधारी: गोवर्धन गिरि को धारण करने वाले
  97. नन्दलाल: नंद बाबा के लाल
  98. श्यामसुंदर: सांवले और सुंदर
  99. योगेश्वर: सभी योगों के ईश्वर
  100. चक्रधारी: चक्र धारण करने वाले
  101. शेषशायी: शेषनाग पर शयन करने वाले
  102. क्षीरसागरशायी: क्षीरसागर में शयन करने वाले
  103. अनंतरूप: अनंत रूपों वाले
  104. परमपुरुष: सर्वोच्च पुरुष
  105. पुरुषोत्तम: सभी पुरुषों में श्रेष्ठ
  106. परब्रह्म: परम ब्रह्म स्वरूप
  107. अच्युत: कभी च्युत न होने वाले
  108. सर्वात्मा: सबकी आत्मा में विद्यमान

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