
महराजगंज/रायबरेली, अमृत विचार। महराजगंज क्षेत्र में नैय्या नाले के उफान से उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह प्रशासनिक अमले के साथ धरातल पर उतरे। शुक्रवार को उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की।
राहत सामग्री वितरण के उपरांत राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, एसडीएम चंद्र प्रकाश गौतम तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर मोन के लालगंज, कोटवा मदनिया और ओथी आदि गांवों के भ्रमण पर निकले। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से सीधे बातचीत कर उनका हालचाल जाना और बाढ़ से निपटने के उपायों पर चर्चा की।
ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि बारिश का मौसम बीतने के बाद मोन से लालगंज और कोटवा मदनिया गांव में सड़क की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी तथा जल निकासी को सुचारू बनाने के लिए पुलिया निर्माण का कार्य कराया जाएगा।
उन्होंने कहा, “दुख की घड़ी में एकजुट होकर किसी का दुख बांटना बेहद पुनीत कार्य है। छुट्टी के दिन भी प्रशासन कार्यालयों में बैठने के बजाय बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच उपस्थित है। हमारी सरकार और प्रशासन इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति में ही एकदूसरे के साथ खड़े होकर दुख बांटने की क्षमता है।
इस दौरान मोन गांव के पूर्व प्रधान माताफेर सिंह ने बताया कि नैय्या नाला हर साल बारिश में ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बनता है और कई बार नाव चलाने की नौबत आ जाती है। मोन गांव के प्रधान प्रतिनिधि अमरेश कुमार व कोटवा मदनिया के प्रधान प्रतिनिधि शत्रोहन ने राज्य मंत्री को पत्र सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की। भाजपा जिलाध्यक्ष बुद्धीलाल पासी ने भी ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस पुरानी समस्या के समाधान और मदद के लिए तत्पर है।
इस मौके पर सीओ प्रदीप कुमार, प्रधान संघ अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, भाजपा उपाध्यक्ष जन्मेजय सिंह, तहसीलदार शालिनी तिवारी, नायब तहसीलदार वंदना, एडीओ पंचायत शिषर शुक्ला, सप्लाई इंस्पेक्टर मुकेश पांडेय, अधीक्षक डॉ. गणनायक पाण्डेय, बीईओ राम मिलन, मंडल अध्यक्ष अमित श्रीवास्तव, देवेंद्र सिंह, शरद सिंह, अनुपम जायसवाल सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


