
ऊंचाहार , अमृत विचार। उपजिलाधिकारी विवेक राजपूत की प्रशासनिक मुश्किलें बढ़ गई हैं। फिरोजाबाद की सिरसागंज तहसील में तैनाती के दौरान खुली जांच के बाद अब विजिलेंस थाना आगरा में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई की खबर आते ही ऊंचाहार तहसील से लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
शासकीय एफआईआर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश पर सतर्कता अधिष्ठान द्वारा विवेक राजपूत के विरुद्ध खुली जांच के आदेश दिए गए थे। विजिलेंस की अंतिम जांच रिपोर्ट में पाया गया कि जांच अवधि के दौरान लोकसेवक के रूप में कार्य करते हुए उनकी कुल वैध स्रोतों से आय 38 लाख 87 हजार 795 रुपये थी। हालांकि, इस दौरान उनके द्वारा परिसंपत्तियों के अर्जन और भरणपोषण पर कुल 1 करोड़ 9 लाख 80 हजार 420 रुपये व्यय किए गए।
जांच में उनकी ज्ञात वैध आय के सापेक्ष 70 लाख 92 हजार ,625 रुपये का अधिक व्यय पाया गया, जो कि उनकी वैध आय से पूरी तरह असंगत और अननुपातिक है। इस अतिरिक्त खर्च और अर्जित संपत्तियों को लेकर अधिकारी विजिलेंस के सामने कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद शासन के आदेश पर आगरा विजिलेंस थाने में आपराधिक दुराचरण का मामला दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।



