
रामसनेहीघाट/बाराबंकी, अमृत विचार। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। आज सुबह आठ बजे एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर 106.300 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.070 मीटर से 23 सेंटीमीटर अधिक है। नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने के साथ ही फसलों को भी नुकसान हुआ है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तहसील प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय ने बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री एवं भोजन समय से पहुंचाने के निर्देश दिए।
राहत कार्यों में किसी तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए तहसीलदार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए तैयार कराए गए भोजन की गुणवत्ता भी स्वयं चखकर परखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्री और भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा जरूरतमंद ग्रामीणों तक समय से सहायता पहुंचाई जाए।
बाढ़ की स्थिति पर एसडीएम वृजेंद्र उपाध्याय, तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय और राजस्व विभाग की टीमें लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में कर्मचारियों को सक्रिय कर दिया गया है और सभी टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।


