: नई दिल्ली । 8वां वेतन आयोग लागू होने का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एरियर को लेकर बड़ी गणना सामने आई है। अनुमान के मुताबिक, अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में करीब 20 महीने की देरी होती है, तो कर्मचारियों को जनवरी 2026 से एरियर मिल सकता है।

हालांकि, 8वें वेतन आयोग पर आधारित है।
जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है
रिपोर्ट के मुताबिक, 8वां वेतन आयोग जब भी लागू होगा, इसका प्रभाव जनवरी 2026 से माना जा सकता है। ऐसे में केंद्र सरकार के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनर्स एरियर के दायरे में आ सकते हैं।
कितना एरियर मिलेगा, यह 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों, फिटमेंट फैक्टर और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।
2.57 फिटमेंट फैक्टर पर कितना बढ़ेगा वेतन
अगर 2.57 के फिटमेंट फैक्टर को आधार मानकर गणना की जाए, तो मौजूदा बेसिक पे में बड़ा बदलाव दिखाई देता है। इसी आधार पर अनुमानित मासिक वेतन और एरियर की गणना की गई है।
लेवल7 कर्मचारियों को ₹14.10 लाख तक एरियर
7वें वेतन आयोग में लेवल7 कर्मचारी का बेसिक पे ₹44,900 माना गया है। 2.57 फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से 8वें वेतन आयोग में अनुमानित बेसिक पे ₹1,15,393 हो सकता है।
इस हिसाब से अनुमानित मासिक अंतर ₹70,493 बैठता है। अगर 20 महीने का एरियर जोड़ा जाए तो कैलकुलेशन ₹70,493 × 20 = ₹14,09,860 यानी करीब ₹14.10 लाख बनता है।
लेवल6 से लेवल4 तक कितना एरियर
इसी अनुमानित गणना के आधार पर लेवल6 कर्मचारियों का 20 महीने का एरियर करीब ₹11.11 लाख हो सकता है। वहीं लेवल5 कर्मचारियों के लिए यह रकम करीब ₹9.13 लाख और लेवल4 कर्मचारियों के लिए करीब ₹8 लाख बताई गई है।
पे लेवल 20 महीने का अनुमानित एरियर
लेवल7 ₹14.10 लाख
लेवल6 ₹11.11 लाख
लेवल5 ₹9.13 लाख
लेवल4 ₹8 लाख
चेन्नई में होगी अगली बैठक
8वें वेतन आयोग की टीम की अगली बैठक चेन्नई में होने वाली है। इसके बाद देश के कुछ अन्य शहरों में भी बैठकें प्रस्तावित हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगा।
इसके बाद रिपोर्ट पर कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। सरकार की मंजूरी के बाद ही 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
अभी फाइनल नहीं है एरियर की रकम
यहां ध्यान रखना जरूरी है कि ₹14.10 लाख, ₹11.11 लाख, ₹9.13 लाख और ₹8 लाख की रकम अनुमानित गणना है। वास्तविक एरियर 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों, फिटमेंट फैक्टर और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही तय होगा।

