
गोरखपुर के एक गांव में अज्ञात महिला का शव मिलने के बाद शुरू हुई जांच अब रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई है। पुलिस को स्टेशन की CCTV फुटेज से एक अहम सुराग मिला है। जांच में सामने आया है कि महिला लखनऊ से इंटरसिटी ट्रेन के जरिए गोरखपुर पहुंची थी और स्टेशन पर उसकी मुलाकात एक रेलकर्मी से हुई थी।
फुटेज में दोनों के बीच बातचीत होती दिखाई दी। इसके बाद रेलकर्मी महिला को अपने साथ लेकर स्टेशन से बाहर निकल गया। अब पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
स्टेशन पर महिला के साथ दिखाई दिया रेलकर्मी
पुलिस ने महिला की पहचान और उसके आखिरी सफर की कड़ी जोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन पर लगे अलग-अलग CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान महिला एक रेलकर्मी के साथ नजर आई।
बताया जा रहा है कि फुटेज में दोनों स्टेशन परिसर में बातचीत करते दिखाई दिए। इसके बाद दोनों स्कूटी से स्टेशन से बाहर निकलते नजर आए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक अन्य कैमरे की फुटेज में रेलकर्मी महिला को शराब पिलाता हुआ दिखाई दिया था।
फुटेज के आधार पर पुलिस ने रेलकर्मी की पहचान कर ली है। वह देवरिया का रहने वाला बताया जा रहा है और रेलवे में प्वाइंटमैन के पद पर काम करता है।
स्टेशन से निकलने के बाद कहां गई महिला?
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्टेशन से निकलने के बाद महिला और रेलकर्मी कहां गए थे।
जांच टीम स्टेशन से बाहर निकलने के बाद उनके संभावित रास्ते पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों कितनी देर साथ रहे और इसके बाद महिला गहिरा गांव तक कैसे पहुंची।
रेलवे स्टेशन की फुटेज सामने आने के बाद मामले में एक नई कड़ी जरूर जुड़ी है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की हत्या में रेलकर्मी की क्या भूमिका रही।
गांव में मिला था निर्वस्त्र शव
गुरुवार सुबह गहिरा गांव के एक टोले में सड़क से करीब 100 मीटर अंदर एक महिला का शव मिला था। महिला की पहचान उस समय तक नहीं हो सकी थी।
मौके से पुलिस को मोबाइल फोन, ईयरफोन, कपड़े और चप्पल जैसी चीजें मिली थीं। घटनास्थल के आसपास चार पहिया वाहन के टायरों के निशान भी मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस अब घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को CCTV फुटेज और मोबाइल जांच से जोड़ने की कोशिश कर रही है।
मोबाइल ने भी खोले कई रास्ते
महिला के पास मिले मोबाइल की जांच में उसके उत्तर प्रदेश के कई शहरों में जाने की जानकारी सामने आई थी। उसके मोबाइल को साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच के लिए खोला गया।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस उन लोगों की जानकारी जुटा रही है, जिनसे महिला लगातार संपर्क में थी। उसके लखनऊ, वाराणसी और अन्य शहरों से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
देवरिया में रेलकर्मी के ठिकानों पर दबिश
CCTV फुटेज से पहचान होने के बाद पुलिस की टीम रेलकर्मी की तलाश में उसके देवरिया स्थित घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। हालांकि अभी तक उसकी भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांचकर्ताओं की कोशिश है कि स्टेशन से महिला के निकलने के बाद की पूरी गतिविधि सामने लाई जाए। इसके लिए CCTV, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को एक साथ जोड़ा जा रहा है।
पोस्टमार्टम और पहचान का इंतजार
महिला की अभी आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसके परिजनों और परिचितों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। चर्चा है कि महिला लखनऊ की रहने वाली हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
फिलहाल पुलिस के लिए महिला की पहचान और स्टेशन से गांव तक पहुंचने की पूरी कड़ी सुलझाना सबसे अहम है। CCTV से मिले सुराग ने जांच को नई दिशा जरूर दी है, लेकिन हत्या के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों की तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।



