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​Barabanki Flood : खतरे के निशान से 23 सेमी ऊपर सरयू, कटान ने मचाई तबाही, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

​Barabanki Flood : खतरे के निशान से 23 सेमी ऊपर सरयू, कटान ने मचाई तबाही, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

सूरतगंज/रामनगर/रामसनेहीघाट, बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी में मंगलवार से बढ़ रहा सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से 23 सेमी ऊपर जाकर ठहर गया। माना जा रहा कि और पानी छोड़े जाने की दशा में ही जलस्तर बढ़ेगा। इस बीच बाढ़ के पानी ने गांवों में जगह बना ली है। वहीं पहले से प्रभावित गांवों के हाल ठीक नही। रामनगर में नदी ने धान के खेत लील कर किसानों को असहाय कर दिया है।    

किनारों को काटकर पानी में समाहित कर रही सरयू नदी ने घटने के बाद मंगलवार से फिर तेजी पकड़ी। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर लाल निशान से 23 सेमी ऊपर पहुंच गया है। हालांकि शनिवार को नदी का बढ़ना रुक गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस बीच सूरतगंज क्षेत्र में पहले से प्रभावित गांवों को बढ़ा हुआ जलस्तर फिर भयभीत कर रहा है। 

बाढ़ के पानी से घिरे गांवों के हाल तो बदहाल ही थे फिर से पानी गांवों को घेरने लगा है। बुनियादी समस्याओं से जूझते दर्जनों गांवों के लिए नदी का घटना बढ़ना काफी नुकसानदायक साबित हो रहा। रामनगर तहसील क्षेत्र में सरयू पुल के किनारे बसे तपेसिपाह गांव की पहचान मिटने की कगार पर है। एकमात्र घर वाले इस गांव को कटान खासा नुकसान पहुंचा रही है। यही आलम रहा तो बचा परिवार भी पलायन कर जाएगा। नदी तेजी से धान की फसलें लीलती जा रही है। 

रामसनेहीघाट में फसलों को भारी नुकसान

रामसनेहीघाट क्षेत्र में पानी कई गांवों में पहुंचने से फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। तहसील प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय ने बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लेकर ग्रामीणों से समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों के लिए आए भोजन को खुद चखकर गुणवत्ता भी परखी। एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय, तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय व राजस्व विभाग की टीमें लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं।

 

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