नई दिल्ली : पंजाब की सियासत और संगठन के भीतर मची हलचल के बीच कांग्रेस हाईकमान नेबड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पंजाब दौरे से ठीक पहले पार्टी आलाकमान ने वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त कर दिया है। संगठन में हुए इस बड़े फेरबदल के तहत पायलट पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह यह अहम जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभार से मुक्त करते हुए अब असम का नया प्रभारी बना दिया गया है।

पंजाब कांग्रेस में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गुट प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने के फैसले से पार्टी नेतृत्व और तत्कालीन AICC प्रभारी भूपेश बघेल से नाराज चल रहा था। चन्नी गुट लगातार राजा वड़िंग को हटाकर किसी अन्य मजबूत नेता को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने की मांग कर रहा था। पार्टी के अंदर लंबे समय से चल रही खींचतान के बीच हाईकमान ने अब पंजाब के प्रभारी की जिम्मेदारी सचिन पायलट को सौंप दी है।
गुटबाजी पर लगाम लगाने के लिए पायलट पर दांव
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से नेताओं के बीच आपसी खींचतान और अंदरूनी कलह की खबरें सामने आ रही थीं। राज्य में पार्टी नेताओं के बीच तालमेल बिठाने और संगठन को दोबारा मजबूती देने के मकसद से आलाकमान ने सचिन पायलट के संगठनात्मक कौशल पर भरोसा जताया है। आगामी राजनीतिक चुनौतियों और राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए यह नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि पायलट अपने आक्रामक तेवर और युवा अपील के दम पर राज्य में कांग्रेस के असंतुष्ट धड़ों को एक मंच पर लाने का काम करेंगे।
भूपेश बघेल को असम की नई जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब पूर्वोत्तर के अहम राज्य असम का प्रभार सौंपकर नई जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब में गुटबाजी को साधने के बाद आलाकमान ने उनके सियासी अनुभव का इस्तेमाल असम में पार्टी की जड़ों को सींचने के लिए करने का फैसला किया है। राहुल गांधी के दौरे से ऐन पहले लिए गए इस बड़े संगठनात्मक फैसले से साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है और आगामी चुनावी बिसात के लिए अभी से कड़े कदम उठा रहा है।



