कानपुर : उत्तर प्रदेश के कानपुर में घाटमपुर थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। यहां अचानक एक कच्चा मकान ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गया, जिसके मलबे में एक ही परिवार के 5 लोग दब गए। चीखपुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला और पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने परिवार के मुखिया और उनकी तीन नाबालिग बेटियों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक युवती जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।

पिता और तीन बेटियों की गई जान, बड़ी बहन की हालत नाजुक
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे मातम में डुबो दिया है। मृतकों की पहचान परिवार के मुखिया मुकेश और उनकी तीन बेटियों माया , नीतू व पल्लवी के रूप में हुई है। मलबे से निकाली गई सबसे बड़ी बेटी काजल गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद नाजुक हालत में कानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। एक ही झटके में पिता और तीन बहनों की जान जाने से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
सीएचसी में डॉक्टरों की घोर लापरवाही, वार्ड ब्वॉय ने किया इलाज!
हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि जब घायलों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, तब सभी की सांसें चल रही थीं। लेकिन पतारा सीएचसी की इमरजेंसी में करीब एक घंटे तक कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। आरोप है कि घायल तड़पते रहे और केवल वार्ड ब्वॉय ने नाममात्र का उपचार किया, जिस वजह से समय पर उचित इलाज न मिलने से चार लोगों ने दम तोड़ दिया।
बाउंड्री फांदकर अस्पताल पहुंचे डॉक्टर, जांच की मांग
ग्रामीणों के अनुसार, भारी बवाल और हंगामे की सूचना मिलने के बाद ड्यूटी से नदारद डॉक्टर आननफानन में पहुंचे और सीधे गेट से आने के बजाय अस्पताल की बाउंड्री फांदकर अंदर घुसे। इस शर्मनाक घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने लापरवाह स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की है। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।



