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​महंगे खिलौने छोड़ डिब्बे-चम्मच से क्यों खेलने लगते हैं बच्चे? जानिए इसके पीछे की वजह

​महंगे खिलौने छोड़ डिब्बे-चम्मच से क्यों खेलने लगते हैं बच्चे? जानिए इसके पीछे की वजह

महंगे खिलौने नहीं, डिब्बेचम्मच क्यों पसंद करते हैं बच्चे

बच्चों के लिए खेल का मतलब हमेशा महंगे और रंगबिरंगे खिलौने नहीं होता। कई बार घर में रखी साधारण चीजें ही उन्हें ज्यादा आकर्षित करती हैं। मातापिता बच्चे के लिए नया खिलौना खरीदकर लाते हैं, लेकिन बच्चा उसे छोड़कर खाली डिब्बे, चम्मच, कप, बर्तन या रिमोट से खेलने लगता है। पहली नजर में यह व्यवहार थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा और सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

हर चीज को समझना चाहते हैं बच्चे

छोटे बच्चों के लिए आसपास की दुनिया नई होती है। वे चीजों को केवल देखकर नहीं, बल्कि उन्हें छूकर, उठाकर, हिलाकर और गिराकर समझने की कोशिश करते हैं। किसी वस्तु को हाथ में लेकर वे यह जानना चाहते हैं कि वह कैसी है और उसके साथ क्याक्या किया जा सकता है।

एक खाली डिब्बा बच्चे के लिए इसी वजह से काफी दिलचस्प हो सकता है। वह उसे खोल और बंद कर सकता है, उसमें दूसरी चीजें रख सकता है, सामान निकाल सकता है या उसे फर्श पर खिसका सकता है। एक ही वस्तु से अलगअलग तरह के खेल करने की आजादी उसे ज्यादा आकर्षित करती है।

रिमोट और चम्मच में क्यों आती है दिलचस्पी

रिमोट में लगे बटन बच्चों का ध्यान आसानी से खींचते हैं। बटन दबाने पर टीवी की स्क्रीन बदलती है या कोई दूसरी प्रतिक्रिया होती है। इससे बच्चा यह समझने की कोशिश करता है कि उसके किसी काम का कोई परिणाम भी निकलता है। चम्मच भी बच्चों के लिए ऐसा ही एक मजेदार साधन बन जाता है। वे उसे बर्तन पर बजाकर आवाज निकालते हैं, इधरउधर ले जाते हैं या अपने काल्पनिक खेल का हिस्सा बना लेते हैं।

बड़ों की नकल भी करते हैं बच्चे

बच्चे अपने आसपास के लोगों को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं। वे घर में मातापिता को रिमोट चलाते, चम्मच से खाना खाते, कप में चाय पीते या किसी डिब्बे में सामान रखते देखते हैं। इसके बाद वे उन्हीं गतिविधियों को अपने खेल में दोहराने लगते हैं। कभी बच्चा खाली कप से किसी को चाय पिलाने का नाटक करता है, तो कभी डिब्बे को गाड़ी या घर बना लेता है। ऐसे खेल उसकी कल्पनाशक्ति को उड़ान देने के साथ रोजमर्रा की गतिविधियों को समझने का मौका भी देते हैं।

हर बार खिलौना लेना जरूरी नहीं

बच्चे के विकास और मनोरंजन के लिए हर बार महंगा खिलौना खरीदना जरूरी नहीं है। कई साधारण और सुरक्षित घरेलू चीजें भी उन्हें रचनात्मक तरीके से खेलने का अवसर दे सकती हैं। इस तरह के खुले खेल में बच्चा अपनी कल्पना का इस्तेमाल करता है और चीजों को अपने तरीके से इस्तेमाल करना सीखता है। इसलिए बच्चे के खेल को केवल इस आधार पर नहीं आंकना चाहिए कि वह किस खिलौने से खेल रहा है।

सुरक्षा का रखें ध्यान

घरेलू सामान से खेलते समय सुरक्षा सबसे जरूरी है। छोटी बैटरी, सिक्के, छोटे ढक्कन, कांच की वस्तुएं, धारदार सामान और बिजली से जुड़ी चीजें बच्चों की पहुंच से दूर रखें। खासकर छोटे बच्चे चीजों को मुंह में डालकर भी देखते हैं, इसलिए ऐसी वस्तुएं बिल्कुल न दें,जिन्हें निगलने या चोट लगने का खतरा हो। बच्चे की उम्र के अनुसार हल्की, मजबूत और सुरक्षित चीजें ही खेलने के लिए दें और जरूरत पड़ने पर उनके साथ रहें।

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