नई दिल्ली : दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में करीब 50 साल पुरानी इमारत ढहने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। इस दिल दहला देने वाली घटना में अब तक मलबे से 12 लोगों को निकाला जा चुका है, जिनमें से 7 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। हादसे की गंभीरता और सुरक्षा मानकों में बरती गई भारी लापरवाही को देखते हुए निगम प्रशासन ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर सहित पांच वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

हादसे की गाज: सस्पेंड हुए पांचों आला अफसरों की सूची
लापरवाही बरतने के आरोप में जिन अधिकारियों पर निलंबन की तलवार चली है, उनके नाम सोमवार को जारी आधिकारिक आदेश में सार्वजनिक किए गए हैं। निलंबित होने वालों में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर रणवीर सिंह, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ललित कुमार गोयल, असिस्टेंट इंजीनियर सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं। प्रशासनिक हलकों में एक साथ पांच जिम्मेदार अधिकारियों पर हुई इस सख्त कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
घटनास्थल पर पहुंचीं मुख्यमंत्री, दिए मजिस्ट्रेट जांच और अवैध PG सील करने के आदेश
सोमवार सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटनास्थल का दौरा कर रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन का जायजा लिया। दिल्ली सरकार ने रविवार को ही इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिल्डिंग मालिक के खिलाफ गैरजमानती धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और विभागीय जांच में दोषी पाए जाने वाले निगम अधिकारियों को बख्शा न जाए। इसके साथ ही, छात्र बहुल इलाका होने के मद्देनजर आसपास चल रहे सभी पेइंग गेस्ट और बहुमंजिला इमारतों के सघन निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी भवनों और पीजी को तुरंत सील किया जाएगा।


