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​Sultanpur News: ‘चलो बाबा, घर गिर गया… मम्मी दब गई हैं’, मासूम की चीख ने खोली आंखें; कोची गांव में कच्चे मकान ने छीन ली मां की जिंदगी

​Sultanpur News: ‘चलो बाबा, घर गिर गया… मम्मी दब गई हैं’, मासूम की चीख ने खोली आंखें; कोची गांव में कच्चे मकान ने छीन ली मां की जिंदगी

जयसिंहपुर/सुलतानपुर, अमृत विचार। सुलतानपुर जिले के जयसिंह पर कोतवाली क्षेत्र के कोची गांव में रविवार आधी रात एक दर्दनाक हादसे में कच्चे मकान की मुंडेर गिरने से मलबे में दबकर 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हादसे के समय महिला अपने दो मासूम बेटों के साथ घर में सो रही थी। दोनों बच्चे भी मलबे में दब गए, लेकिन ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाल लिया गया। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।

कोची गांव निवासी राम किशोर मिश्रा के परिवार के सभी सदस्य रविवार रात खाना खाने के सोने चले गए। राम किशोर का बेटा अतुल कुमार मिश्रा मुंबई में दिहाड़ी मजदूरी करता है। उसकी पत्नी प्रतिभा दोनों बेटों आयुष और अयांश के साथ खपरैलनुमा कच्चे मकान में सो रही थी।

आधी रात भरभराकर गिरी मुंडेर, मलबे में दबे मांबेटे

रात करीब 12 बजे अचानक मकान की मुंडेर भरभराकर सो रहे तीनों के ऊपर गिर गई। हादसे में प्रतिभा और उसका सात वर्षीय बेटा आयुष मलबे में दब गए, जबकि चार वर्षीय अयांश किसी तरह मलबे से बाहर निकल आया डरासहमा अयांश बरामदे में सो रहे अपने बाबा राम किशोर के पास पहुंचा और बोला, “चलो बाबा, घर गिर गया… मम्मी और भैया दब गए हैं।”

मासूम की आवाज सुनकर राम किशोर और उनकी पत्नी तत्काल अंदर पहुंचे। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर प्रतिभा और आयुष को बाहर निकाला। आयुष को बचा लिया गया, लेकिन प्रतिभा की हालत गंभीर थी। परिजन उसे विरसिंहपुर स्थित सौ शैय्या अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

सोमवार को हादसे की सूचना मिलने पर जयसिंहपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।

पक्की छत होती तो शायद बच जाती प्रतिभा की जान

हादसे के बाद ग्रामीणों ने परिवार की आर्थिक स्थिति और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद गरीब है और लंबे समय से जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। उनका आरोप है कि यदि समय रहते परिवार को आवास योजना का लाभ मिल जाता और मकान की पक्की छत होती तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।

प्रतिभा की मौत से उसके सात और चार साल के दोनों बेटों के सिर से मां का साया उठ गया। वहीं मुंबई में मजदूरी कर परिवार का भरणपोषण कर रहे अतुल कुमार मिश्रा पर पत्नी की मौत की खबर ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया। हादसे के बाद से कोची गांव में शोक का माहौल है।

 

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