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​CBSE Answer Sheet RTI: छात्रों को बड़ी राहत, CIC ने फीस और Re-Evaluation पर दिया अहम आदेश

​CBSE Answer Sheet RTI: छात्रों को बड़ी राहत, CIC ने फीस और Re-Evaluation पर दिया अहम आदेश

नई दिल्ली: सीबीएसई बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन का अहम आदेश सामने आया है। मामला आरटीआई के जरिए बोर्ड परीक्षा की आंसर शीट की कॉपी हासिल करने और इसके लिए वसूली जाने वाली फीस से जुड़ा हुई है। CIC ने स्पष्ट किया है कि छात्रों से आंसर शीट की फोटोकॉपी उपलब्ध कराने के लिए RTI Rules 2012 में निर्धारित फीस ही ली जानी चाहिए।

आयोग ने CBSE के उस प्रावधान पर भी आपत्ति जताई है, जिसके तहत RTI के माध्यम से आंसर शीट की कॉपी हासिल करने वाले छात्रों को बाद में उसी कॉपी के वेरिफिकेशन या रीइवैल्यूएशन की मांग करने से रोक दिया गया था। CIC ने CBSE से इस व्यवस्था में आवश्यक संशोधन करने की सिफारिश की है।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?

यह मामला सीबीएसई कक्षा 10 के एक छात्र की RTI याचिका के बाद सामने आया। छात्र ने मैथ्स स्टैंडर्ड के सेट3 की अपनी आंसर शीट की कॉपी मांगी थी। इसके साथ ही उसने परीक्षा में पेपर की कठिनाई, मॉडरेशन पॉलिसी और मूल्यांकन के दौरान काटे गए अंकों को लेकर भी सवाल उठाए थे।

छात्र के मुताबिक, पांच विषयों की आंसर शीट हासिल करने के लिए 2,500 रुपये, रीवेरिफिकेशन के लिए 2,500 रुपये और प्रत्येक विषय के लिए 100 रुपये तक की फीस ली जा रही थी। छात्र के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में खर्च करीब 10 हजार रुपये तक पहुंच सकता था।

इसके बाद छात्र ने RTI Act के तहत अपनी आंसर शीट की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की।

फीस जमा करने के बाद ईमेल से मिली आंसर शीट

CBSE के CPIO ने 2 जुलाई 2025 को बताया कि आवश्यक फीस जमा करने के बाद छात्र को उसकी आंसर शीट की कॉपियां ईमेल के जरिए भेज दी गई थीं।

आंसर शीट मिलने के बाद छात्र ने अपनी कॉपियों से जुड़े कई सवाल RTI के माध्यम से उठाए। इसी दौरान CBSE की ओर से 19 मई 2025 के सर्कुलर का हवाला दिया गया। इसमें कहा गया था कि RTI के तहत आंसर शीट की कॉपी हासिल करने के बाद छात्र वेरिफिकेशन या रीइवैल्यूएशन की मांग नहीं कर सकते।

यही प्रावधान CIC के सामने विवाद का प्रमुख मुद्दा बना।

RTI Act के आगे CBSE का नियम नहीं चलेगा?

CIC ने कहा कि केवल RTI के माध्यम से आंसर शीट की कॉपी प्राप्त करने के आधार पर किसी छात्र को रीइवैल्यूएशन से रोकना RTI कानून की भावना के अनुरूप नहीं है।

आयोग ने RTI Act की धारा 22 का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसी अन्य प्रावधान और RTI कानून के बीच टकराव की स्थिति बनती है तो RTI Act को प्राथमिकता मिलेगी।

CIC ने CBSE को निर्देश दिया कि आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए RTI Rules 2012 के अनुसार निर्धारित फीस ही ली जाए। साथ ही आयोग ने 19 मई 2025 के सर्कुलर में आवश्यक बदलाव करने की सिफारिश की है, ताकि CBSE की व्यवस्था RTI कानून के अनुरूप हो सके।

छात्रों के लिए क्यों अहम है CIC का आदेश?

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आंसर शीट की कॉपी हासिल करना और उसके बाद अपने अंकों के मूल्यांकन को चुनौती देना छात्रों के लिए सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। CIC की टिप्पणी से RTI के जरिए आंसर शीट हासिल करने वाले छात्रों के अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी सवाल सामने आया है।

अब CBSE को अपने संबंधित प्रावधानों की समीक्षा कर उन्हें RTI Act के अनुरूप करने की सिफारिश पर विचार करना होगा।

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