IndiaTrendingUttar Pradesh

​सत्य निकेतन हादसा: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर नगर निगम के 5 वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

लगातार दूसरे दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहुंची घटनास्थल पर, अधिकारियों को दिए निर्देश

​सत्य निकेतन हादसा: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर नगर निगम के 5 वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

सार्वजनिक उपयोग वाले सभी भवनों के लिए जल्द आएगी नई सुरक्षा नीति

छात्रों को ठहराने की व्यवस्था की गई, परिजनों के संपर्क में है दिल्ली सरकार

निर्माणाधीन अवैध निर्माणों की शिकायत करें जनप्रतिनिधि, होगा एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिण परिसर स्थित सत्य निकेतन कॉलोनी में भवन गिरने की घटना पर लगातार दृढ़ रुख अपनाया हुआ है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों पर सोमवार को दिल्ली नगर निगम के दक्षिण क्षेत्र के पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया। इसके साथ ही घटना के अगले दिन सोमवार सुबह भी मुख्यमंत्री स्वयं एक बार फिर घटनास्थल का दौरा करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से बचाव, राहत तथा सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने घटनास्थल के निरीक्षण और प्रारंभिक आकलन के आधार पर घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से यह भी आग्रह किया है कि वे निर्माणाधीन अवैध निर्माणों पर निगाह रखें और उसकी शिकायत संबंधित विभाग को दें, ताकि उसके खिलाफ कार्यवाही की जा सके।

निलंबित अधिकारियों में दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता रणवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता ललित कुमार गोयल, सहायक अभियंता सुनील चौहान और कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भवनों और निर्माण कार्यों से जुड़ी किसी भी ऐसी स्थिति को दरकिनार नहीं किया जाएगा, जिससे लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच चल रही है। इस हादसे में और भी अफसरों की लापरवाही सामने आई तो उनके खिलाफ भी एक्शन होगा।

*लाई जाएगी नई और ठोस नीति

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार नगर निगम के साथ मिलकर ऐसी नीति लाने की दिशा में काम कर रही है, जिसके तहत सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक भवन चाहे वह पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल या कोई अन्य संस्थान हो का समयसमय पर संरचनात्मक ऑडिट और भवन सुरक्षा प्रमाणन अनिवार्य किया जाएगा। बिना भवन की सुरक्षा सुनिश्चित किए किसी भी इमारत में सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।

*निर्माणाधीन अवैध निर्माणों की की शिकायत करें जनप्रतिनिधि, होगा एक्शन

मुख्यमंत्री ने राजधानी के सांसदों, विधायकों, पार्षदों से आग्रह किया है कि वे अपनेअपने क्षेत्र में बनाए जा रहे अवैध निर्माणों की जानकारी प्राप्त करें और इसकी शिकायत संबंधी विभाग को भेजें। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध निर्माणों को तोड़ा जाएगा। निर्माणाधीन अवैध निर्माणों को लेकर सिस्टम बनाया जाएगा ताकि उन पर निगरानी भी रखी जा सके। इस प्रकार की शिकायतों की निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं कि केवल घटनास्थल तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि आसपास के सभी संवेदनशील भवनों और पीजी की भी गहन जांच की जाए।

*घटनास्थल पर फिर पहुंची सीएम, मजिस्ट्रियल जांच

रविवार को हुई इस घटना के अगले दिन सोमवार सुबह भी मुख्यमंत्री स्वयं एक बार फिर घटनास्थल का दौरा करने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से बचाव, राहत तथा सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली। घटनास्थल के निरीक्षण और प्रारंभिक आकलन के आधार पर मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुरानी इमारत के बेसमेंट में पानी भरने के कारण उसके पिलर कमजोर होकर गिर गए, जिसके चलते पूरी इमारत ढह गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस गंभीर घटना के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसकी जवाबदेही तय की जाएगी और उसके खिलाफ कानून के कठोरतम प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल और व्यापक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

*छात्रों को अन्य स्थानों पर ठहराया गया, परिजनों से संपर्क में सरकार

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रभावित छात्रों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर अन्य कॉलेजों के छात्रावास में ठहराया गया है और सरकार उनकी सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रख रही है। हादसे में घायल छात्रों के परिजनों के साथ भी सरकार लगातार संपर्क में है और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता दिल्लीवासियों की जानमाल की सुरक्षा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा मानकों से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply