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​सुलतानपुर: साथ जिए, मरीजों की सेवा की और अंतिम सफर भी साथ गये दोनों भाई

​सुलतानपुर: साथ जिए, मरीजों की सेवा की और अंतिम सफर भी साथ गये दोनों भाई

संवाददाता, सुलतानपुर, अमृत विचार : करीब पांच दशक तक कूरेभार के ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों की सेवा करने वाले 96 वर्षीय वयोवृद्ध चिकित्सक डॉ. दुखहरन तिवारी ने मंगलवार सुबह करीब सात बजे अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही चिकित्सकों, जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।

हर कोई उनके सरल व्यवहार और सेवाभाव को याद कर भावुक नजर आया।डॉ. दुखहरन तिवारी ने उस दौर में ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई, जब गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहद सीमित थीं। सहज व्यवहार और आत्मीयता से मरीजों का उपचार करने के कारण वह क्षेत्र में खासे लोकप्रिय थे। आसपास के गांवों के लोग आज भी उनके इलाज और सेवा को याद करते हैं।

एक घंटे पहले छोटे भाई ने भी छोड़ी दुनिया

परिवार के लिए दुख उस समय और गहरा हो गया, जब पता चला कि अयोध्या में निजी क्लीनिक चलाने वाले उनके छोटे भाई श्रीनेत्र तिवारी ने भी सुबह करीब छह बजे दम तोड़ दिया। यानी बड़े भाई दुखहरन की मौत से लगभग एक घंटे पहले ही श्रीनेत्र का निधन हो चुका था। एक ही दिन दोनों भाइयों की मौत से परिवार स्तब्ध रह गया।

एक साथ हुआ अंतिम संस्कार

नाती डॉ. आनंद तिवारी ने बताया कि श्रीनेत्र भी जीवनभर चिकित्सा सेवा में समर्पित रहे। पुत्र डॉ. रमेश तिवारी के अनुसार दोनों भाइयों का अंतिम संस्कार अयोध्या में एक साथ किया गया। एक ही दिन दोनों चिकित्सक भाइयों के निधन से क्षेत्र ने चिकित्सा सेवा के दो समर्पित चेहरों को खो दिया।

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