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​लखनऊ : सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी ही लौटाती है शरीर की खोई ताकत

​लखनऊ : सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी ही लौटाती है शरीर की खोई ताकत

लखनऊ, अमृत विचार : चोट या ऑपरेशन के बाद मरीज का इलाज केवल सर्जरी और दवाओं तक सीमित नहीं है। प्रभावित अंग की ताकत और सामान्य गतिविधियां लौटाने में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका है। कंधे की सर्जरी के बाद नियमित और सही व्यायाम से दर्द व जकड़न कम करने के साथ हाथ की सामान्य गतिविधियां बहाल करने में मदद मिलती है। यह बात केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने मंगलवार को कलाम सेंटर में विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में कही।

कुलपति ने कहा कि अस्पताल के विभिन्न विभागों में फिजियोथेरेपी की जरूरत है। उन्होंने स्वतंत्र फिजियोथेरेपी विभाग के गठन का आश्वासन दिया। डीन डॉ. केके सिंह ने सुविधाओं और संसाधनों के विस्तार पर जोर दिया। वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. योगेश माध्यान ने कंधे की सर्जरी के बाद मरीजों के रिहैबिलिटेशन की जानकारी दी।

स्पोर्ट्स मेडिसिन के डॉ. अभिषेक चौधरी ने कहा कि खिलाड़ियों में कंधे की चोट आम है। सही फिजियोथेरेपी से चोट के प्रभाव कम करने और दोबारा चोट लगने का जोखिम घटाने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि स्ट्रोक के बाद कमजोर हाथपैरों की गतिविधि सुधारने, फ्रैक्चर या ऑपरेशन के बाद मांसपेशियों की ताकत लौटाने और जोड़ों की जकड़न कम करने में भी फिजियोथेरेपी कारगर है। नियमित रिहैबिलिटेशन से मरीज धीरेधीरे चलने, हाथपैर चलाने और रोजमर्रा के काम करने में सक्षम हो सकते हैं।

प्रोविंशियल फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल मिश्रा ने स्वतंत्र विभाग के गठन और फिजियोथेरेपिस्टों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी। कुलपति ने प्राथमिकता पर समस्याओं के निस्तारण और संघ के साथ जल्द बैठक का भरोसा दिया। कार्यक्रम में 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. तेजबीर सिंह को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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