Meta Muse AI Agent Launch: मेटा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बड़ा कदम उठाते हुए नाम का नया AI असिस्टेंट पेश किया है।

कंपनी के मुताबिक, यह सिर्फ सवालों के जवाब देने वाला चैटबॉट नहीं है, बल्कि यूजर्स की ओर से कई डिजिटल काम खुद पूरा करने में सक्षम AI एजेंट के तौर पर काम करेगा।
Muse को शुरुआत में अमेरिका में वयस्क यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसे एक अलग ऐप के अलावा के जरिए भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। यूजर्स इसे ईमेल भेजने, यात्रा से जुड़ी बुकिंग करने, कैलेंडर मैनेज करने, ऑनलाइन खरीदारी और दूसरे रोजमर्रा के डिजिटल कार्यों के लिए निर्देश दे सकेंगे।
मेटा के ने Muse को ऐसा निजी एजेंट बताया है, जो यूजर के लक्ष्य को समझकर लगातार काम कर सकता है। कंपनी का कहना है कि इसे सुरक्षा और प्राइवेसी को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
यूजर्स यह करेंगे किन सेवाओं तक पहुंच मिले
Muse को एक अलग Secure Virtual Machine में संचालित किया जाता है। इसमें ब्राउजर, प्रोसेसिंग क्षमता, मेमोरी और स्टोरेज मौजूद हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य AI एजेंट को यूजर के डिजिटल अकाउंट और सेवाओं के साथ काम करने के लिए नियंत्रित वातावरण देना है।
यूजर्स यह तय कर सकेंगे कि Muse को किन ऐप्स और सेवाओं तक पहुंच मिले। जरूरत पड़ने पर इन अनुमतियों को वापस भी लिया जा सकता है। मेटा ने AI ट्रेनिंग के लिए बातचीत के इस्तेमाल को रोकने का विकल्प भी देने की बात कही है।
कंपनी Muse का फ्री वर्जन उपलब्ध करा रही
कंपनी Muse का फ्री वर्जन उपलब्ध करा रही है, जबकि ज्यादा इस्तेमाल करने वालों के लिए पेड सब्सक्रिप्शन भी पेश किया जाएगा। भविष्य में इसे मेटा के स्मार्ट ग्लास प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना भी है।
हालांकि, इतने व्यापक डिजिटल एक्सेस के साथ सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। मेटा के अनुसार, संवेदनशील कार्यों की निगरानी और कुछ मामलों में यूजर की मंजूरी अनिवार्य रखने जैसे सुरक्षा उपाय किए गए हैं।



