Satya Niketan Collapse Updates: दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस स्थित सत्य निकेतन इलाके में 5 मंजिला इमारत ढहने के मामले में कानूनी और प्रशासनिक एक्शन की रफ्तार तेज हो गई है. बुधवार सुबह दिल्ली पुलिस ने मामले में चौथी बड़ी गिरफ्तारी करते हुए अवैध रूप से पीजी चला रहे मुख्य ऑपरेटर सुधांशु को दबोच लिया. इसके साथ ही, जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार और MCD ने हादसे वाली जगह के ठीक बगल में मौजूद जर्जर इमारत को ढहाने के लिए बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है.

पुलिस रिमांड के दौरान पूर्व में गिरफ्तार आरोपी महेश ने पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा किया. महेश ने बताया कि उसने अगस्त 2025 में इस 5 मंजिला इमारत को दो बिजनेस पार्टनर्स, शुभम त्यागी और सुधांशु को लीज पर दिया था.
दोनों साझेदार इस इमारत में Hostel Daze नाम से लड़कों का पीजी संचालित कर रहे थे. इसके बदले में वे महेश को हर महीने 1,05,000 रुपये का किराया देते थे. महेश के बयान के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका पार्टनर शुभम त्यागी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है.
अब तक 4 गिरफ्तारियां
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान 5 मंजिला इमारत ढह गई थी, जिसमें 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस मामले में अब तक मकान मालिक हरिराम गुप्ता , महेश और पीजी ऑपरेटर सुधांशु समेत कुल चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
दुर्घटनास्थल पर चला बुलडोजर
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के तहत, दुर्घटना वाली जगह के ठीक पास बनी एक और खतरनाक और जर्जर इमारत को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम ने बुधवार सुबह भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई कर असुरक्षित ढांचे को गिराने का काम शुरू कर दिया, ताकि भविष्य में किसी अन्य हादसे की गुंजाइश न रहे.


