
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की संगम संगम नगरी में श्री बड़े हनुमान मंदिर में बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। लगातार 11वें दिन श्री लेटे हनुमान जी शयन अवस्था में हैं और मंदिर का गर्भगृह अब भी जलमग्न है। हालांकि, गंगायमुना का जलस्तर अब धीरेधीरे नीचे उतरने लगा है।
वहीं, प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति नहीं है और दोनों नदियों का जलस्तर 84.734 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। जलस्तर में लगातार हो रही कमी से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी राहत मिली है। पानी पूरी तरह उतरने में अभी समय लग सकता है।
खतरे के निशान से नीचे आइ गंगा
जारी रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नदियों के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में गिरावट दर्ज की गई है। शाम होते होते हालांकि गंगा और यमुना का जलस्तर फिर से धीरेधीरे बढ़ने लगा है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं और जिले के सभी तटबंध सुरक्षित हैं।
नैनी में यमुना जलस्तर 81.42 दर्ज
यमुना नदी का नैनी में जलस्तर 81.42 मीटर दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटे में 34 सेंटीमीटर कम हुआ है। यहां 2.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। गंगा के फाफामऊ में जलस्तर 81.90 मीटर रहा, जिसमें 11 सेंटीमीटर की कमी आई है। यहां 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।
छतनाग में गंगा का जलस्तर 80.96 दर्ज
छतनाग में गंगा का जलस्तर 80.96 मीटर रहा, जो 24 घंटे में 34 सेंटीमीटर नीचे आया है। वहीं एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर 81.57 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 30 सेंटीमीटर की कमी हुई है।
इन इलाकों में भरा बाढ़ का पानी
गंगायमुना का जलस्तर घटने के बावजूद कल देर शाम से फिर बढ़ने से प्रयागराज के कुछ प्रमुख इलाके और धार्मिक स्थल अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। रिवर फ्रंट रोड, नागवासुकी मंदिर, दारागंज घाट और श्री लेटे हनुमान मंदिर में अभी भी बाढ़ का पानी मौजूद है। आज फिर नदियों का जलस्तर धीरेधीरे कम हो रहा है लेकिन कई जगह यह अभी भी 80 मीटर से ऊपर बना हुआ है।



