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​CDS से सेना में एंट्री, 5 साल में राष्ट्रपति की पहली महिला आर्मी ADC बनीं मेजर नव्या शेखावत, जानिए पूरी कहानी

​CDS से सेना में एंट्री, 5 साल में राष्ट्रपति की पहली महिला आर्मी ADC बनीं मेजर नव्या शेखावत, जानिए पूरी कहानी

डिजिटल डेस्क लखनऊः राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आधिकारिक कार्यक्रमों में उनके साथ कई वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य अधिकारी नजर आते हैं। इन्हीं में अब एक युवा महिला सैन्य अधिकारी भी शामिल हुईं हैं, जिनका नाम है मेजर नव्या शेखावत। नव्या शेखावत को राष्ट्रपति का AidedeCamp नियुक्त किया गया है। अब आप सोच रहे होंगे इसमें खास क्या है तो आपको बता दें कि वह राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला भारतीय सेना अधिकारी हैं।

नव्या की यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि भारतीय सेना में अधिकारी के तौर पर कमीशन मिलने के करीब पांच साल के भीतर ही उन्हें राष्ट्रपति भवन जैसी प्रतिष्ठित जिम्मेदारी मिली है। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने जुलाई 2026 में राष्ट्रपति भवन में ADC के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

कौन हैं मेजर नव्या शेखावत?

मेजर नव्या शेखावत भारतीय सेना की अधिकारी हैं और Army Service Corps से जुड़ी हैं। सेना में अधिकारी बनने के लिए उन्होंने Combined Defence Services परीक्षा दी।   

CDS के जरिए चयन के बाद नव्या ने Short Service Commission Women NonTechnical Course की मेरिट में अपनी जगह बनाई। इसके बाद उन्हें चेन्नई स्थित Officers Training Academy भेजा गया, जहां उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया।

OTA में प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को नेतृत्व, अनुशासन, फिजिकल पोटेंशियल और दूसरी सैन्य जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जाता है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नव्या शेखावत को Army Service Corps में कमीशन मिला।

2021 के आसपास मिला सेना में कमीशन

मेजर नव्या को करीब 2021 में भारतीय सेना में कमीशन मिला था। यानी की सेना में अधिकारी के रूप में उनका सफर शुरू हुए अभी लगभग पांच साल ही हुए थे और इसी टाइम इंटरवल में वह मेजर के पद तक पहुंचीं।

इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति की ADC जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिली। किसी अधिकारी का चयन ADC के लिए केवल उसकी रैंक के आधार पर नहीं होता। इसके लिए सैन्य प्रदर्शन के साथसाथ अनुशासन, व्यवहार, समय की पाबंदी, गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता और आधिकारिक प्रोटोकॉल की समझ जैसे गुण भी जरूरी होते हैं।

इसी वजह से नव्या शेखावत की नियुक्ति उनके अपेक्षाकृत छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सैन्य करियर की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

Army Service Corps में क्या करती हैं अधिकारी?

मेजर नव्या शेखावत Army Service Corps की अधिकारी हैं। सेना की यह शाखा सैन्य अभियानों के लिए जरूरी लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट सिस्टम को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।

इसमें सैन्य इकाइयों और जवानों तक आवश्यक सामान पहुंचाना, परिवहन एवं सप्लाई व्यवस्था को संचालित करना और सैन्य फॉर्मेशन को ऑपरेशनल बनाए रखने के लिए जरूरी लॉजिस्टिक सिस्टम का प्रबंधन जैसे काम शामिल होते हैं।

ऐसी जिम्मेदारियों में बेहतर योजना, समय पर निर्णय और विभिन्न स्तरों के बीच प्रभावी समन्वय बेहद जरूरी होता है। नव्या ने इसी शाखा में काम करते हुए अपना पेशेवर सैन्य अनुभव हासिल किया।

CDS से शुरू हुआ था सेना में पहुंचने का सफर

मेजर नव्या शेखावत के सैन्य करियर की शुरुआत CDS परीक्षा के जरिए हुई। Combined Defence Services परीक्षा UPSC आयोजित करता है और इसके माध्यम से युवाओं को भारतीय सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी बनने का अवसर मिलता है।

नव्या ने CDS के जरिए सेना में प्रवेश का रास्ता चुना। इसके बाद उनका चयन शॉर्ट सर्विस कमीशन के लिए हुआ और उन्होंने चेन्नई स्थित Officers Training Academy में सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया।

प्रशिक्षण के बाद उन्हें Army Service Corps में कमीशन मिला और यहीं से उनके सैन्य करियर की औपचारिक शुरुआत हुई।

राष्ट्रपति की पहली महिला आर्मी ADC बनने का गौरव

मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति का सबसे खास पहलू यह है कि वह राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला भारतीय सेना अधिकारी हैं।

हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। नव्या शेखावत राष्ट्रपति की पहली महिला ADC नहीं हैं, बल्कि वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला भारतीय सेना अधिकारी हैं।

राष्ट्रपति की पहली महिला ADC बनने का गौरव भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी को जाता है। मई 2025 में यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं।

इस लिहाज से मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति की ADC बनने वाली दूसरी महिला अधिकारी हैं, लेकिन भारतीय सेना से इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी हैं।

ADC क्या होता है?

ADC का पूरा नाम AidedeCamp है। यह एक कमीशन प्राप्त सैन्य अधिकारी होता है, जो किसी वरिष्ठ संवैधानिक या सैन्य अधिकारी के साथ आधिकारिक जिम्मेदारियों में काम करता है।

राष्ट्रपति के ADC की भूमिका केवल आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के साथ मौजूद रहने तक सीमित नहीं होती। यह सैन्य प्रोटोकॉल, समन्वय और आधिकारिक गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

राष्ट्रपति के कार्यक्रमों, समारोहों और सैन्य आयोजनों के दौरान ADC उनके साथ रहते हैं। सैन्य शिष्टाचार और आधिकारिक प्रोटोकॉल के पालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके साथ ही विभिन्न अधिकारियों और संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी ADC सहयोग करते हैं।

इस पद के लिए अधिकारी में अनुशासन, जिम्मेदारी, समय की पाबंदी, समझदारी और गोपनीयता बनाए रखने की क्षमता जैसे गुण बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

राष्ट्रपति के कितने ADC होते हैं?

भारत के राष्ट्रपति देश की सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर होते हैं। राष्ट्रपति की सहायता के लिए परंपरागत रूप से पांच ADC नियुक्त किए जाते हैं।

इनमें 3 अधिकारी भारतीय सेना से, 1 अधिकारी भारतीय नौसेना से, 1 अधिकारी भारतीय वायु सेना से होता है।

इस व्यवस्था के जरिए तीनों सेनाओं को राष्ट्रपति के सैन्य स्टाफ में प्रतिनिधित्व मिलता है। मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति इसी व्यवस्था का हिस्सा है।

उनकी नियुक्ति इसलिए खास है क्योंकि अब राष्ट्रपति के ADC समूह में भारतीय सेना की महिला अधिकारियों को भी प्रतिनिधित्व मिला है।

राष्ट्रपति के ADC की क्या होती है जिम्मेदारी?

राष्ट्रपति के ADC को कई तरह की आधिकारिक जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। सरकारी समारोहों, सैन्य कार्यक्रमों, सम्मान समारोहों, राजनयिक मुलाकातों और अन्य महत्वपूर्ण आधिकारिक आयोजनों के दौरान ADC राष्ट्रपति के साथ रहते हैं।

इन कार्यक्रमों में सैन्य प्रोटोकॉल और औपचारिक नियमों का पालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होता है। ADC विभिन्न संबंधित अधिकारियों और संस्थानों के बीच समन्वय में भी सहयोग करते हैं।

राष्ट्रपति की आधिकारिक गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने में ADC की भूमिका अहम होती है। यही वजह है कि इस पद को सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठित प्रोटोकॉल पदों में गिना जाता है।

मेजर नव्या शेखावत की कहानी क्यों खास है?

मेजर नव्या शेखावत की कहानी भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की एक महत्वपूर्ण मिसाल के तौर पर देखी जा सकती है। CDS के जरिए सेना में प्रवेश, OTA में प्रशिक्षण, Army Service Corps में सेवा और करीब पांच साल के भीतर राष्ट्रपति की ADC की जिम्मेदारी तक पहुंचना उनके सैन्य करियर की उल्लेखनीय उपलब्धियां हैं।

उनकी नियुक्ति यह भी बताती है कि प्रतिष्ठित सैन्य जिम्मेदारियों के लिए अधिकारी की रैंक के साथसाथ प्रदर्शन, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, प्रोटोकॉल की समझ और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होती है।

एक नजर में पढ़ें पूरी कहानी

नाम: मेजर नव्या शेखावत
सेना की शाखा: Army Service Corps
सेना में प्रवेश: CDS परीक्षा के जरिए
प्रशिक्षण: Officers Training Academy, चेन्नई
कमीशन: करीब 2021
राष्ट्रपति की ADC: जुलाई 2026 से रिपोर्टेड
ऐतिहासिक उपलब्धि: राष्ट्रपति की ADC बनने वाली पहली महिला भारतीय सेना अधिकारी
राष्ट्रपति की पहली महिला ADC: लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी, भारतीय नौसेना, मई 2025
राष्ट्रपति के पारंपरिक ADC: 3 सेना, 1 नौसेना और 1 वायु सेना अधिकारी

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