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​लखनऊ में कला का बड़ा मंच तैयार, 28 सितंबर से लगेगी ‘कला आचार्य प्रदर्शनी-2026’

​लखनऊ में कला का बड़ा मंच तैयार, 28 सितंबर से लगेगी ‘कला आचार्य प्रदर्शनी-2026’

डिजिटल डेस्क, लखनऊ: अगर आप कला शिक्षक हैं और आपकी बनाई कोई कलाकृति लंबे समय से लोगों की नजरों से दूर है, तो उसे सामने लाने का मौका मिलने जा रहा है। लखनऊ में 28 सितंबर से ‘कला आचार्य प्रदर्शनी2026’ आयोजित होने जा रही है, जहां लखनऊप्रयागराज क्षेत्र के कला शिक्षक अपनी बनाई हुई कृतियों के जरिए अपनी रचनात्मक पहचान सामने रख सकेंगे।

राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश के मार्गदर्शन में होने वाली यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 28, 29 और 30 सितंबर को आर्टेलिया आर्ट गैलरी, लखनऊ में लगेगी। कला निकेतन सोसायटी और आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी में शिक्षकों को अपनी कला को व्यापक मंच तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

हुनर दिखाने का मिलेगा पूरा मौका

प्रदर्शनी में हिस्सा लेने वाले प्रत्येक शिक्षक को एक ही मौलिक कलाकृति प्रस्तुत करनी होगी। यानी की चयन के लिए शिक्षक को अपनी ऐसी कृति चुननी होगी, जो उसकी रचनात्मक सोच और कला प्रतिभा को सबसे बेहतर तरीके से सामने रख सके।

कलाकृति पिछले पांच सालों के भीतर तैयार की गई होनी चाहिए। इसके साथ ही वह पहले राज्य ललित कला अकादमी की किसी प्रदर्शनी में प्रदर्शित नहीं हुई हो। कलाकृति का अधिकतम आकार 3×3 फुट निर्धारित किया गया है।

लखनऊ समेत नौ जिलों के शिक्षकों को मौका

इस प्रदर्शनी में लखनऊ के साथ प्रयागराज, चित्रकूट, उन्नाव, अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़, कौशांबी और बाराबंकी के इंटर कॉलेज, महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में कार्यरत दृश्यकला विषय के शिक्षक और कला आचार्य हिस्सा ले सकेंगे।

यानी इन नौ जिलों के कला शिक्षकों के लिए अपनी कृतियों को स्थानीय स्तर से आगे ले जाने और कला जगत से जुड़े दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का यह अच्छा अवसर होगा।

18 सितंबर तक करना होगा आवेदन

प्रदर्शनी में शामिल होने के इच्छुक शिक्षक 18 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रपत्र राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश, कला निकेतन सोसायटी या आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, लखनऊ से प्राप्त किया जा सकता है।

आवेदन के साथ संक्षिप्त जीवन परिचय, फोटो, कलाकृति का विवरण और कलाकृति का स्पष्ट फोटो देना होगा। पूरी तरह भरा आवेदन पत्र और जरूरी दस्तावेज आर्टेलिया इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, लखनऊ226012 में ही जमा करना होगा।

समय पर कलाकृति पहुंचाना भी जरूरी

आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक कलाकृति उपलब्ध नहीं होने पर उसे प्रदर्शनी में शामिल करना संभव नहीं होगा। इसलिए प्रतिभागियों को आवेदन के साथसाथ कलाकृति जमा करने की समयसीमा का भी ध्यान रखना होगा।

प्रदर्शनी में शामिल होने वाले कला शिक्षकों को राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

प्रदर्शनी के बाद तीन दिन में लेनी होगी कलाकृति

प्रदर्शनी समाप्त होने के बाद प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी कलाकृति तीन दिवस के भीतर वापस प्राप्त करनी होगी। तय समय में कलाकृति नहीं लेने पर उसके संबंध में राज्य ललित कला अकादमी या संयोजक की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

कला प्रेमियों और विद्यार्थियों के लिए भी खास मौका

यह प्रदर्शनी केवल कला शिक्षकों के लिए अपनी कृतियां दिखाने का मंच नहीं होगी, बल्कि कला प्रेमियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलगअलग तरह की मौलिक कलाकृतियां देखने का अवसर देगी। शिक्षकों की रचनात्मकता को सामने लाने के साथ ऐसी प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने और नई विधाओं को समझने के लिए भी प्रेरित कर सकती हैं।

प्रदर्शनी के संयोजक अभिनव दीप ने लखनऊप्रयागराज क्षेत्र के पात्र कला शिक्षकों और कला आचार्यों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की है।

contact.satyareport@gmail.com

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